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पाकिस्तान को मिला उसी की भाषा में जवाब

By प्रमोद भार्गव | Updated: May 8, 2025 07:25 IST

वह एक रंग में रंगी दिखाई दे रही है. इसीलिए मोदी के नेतृत्व में भारत कूटनीतिक मोर्चे पर बहुत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है.

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भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए ‘ऑपरेशन  सिंदूर’  के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादियों के एक साथ नौ ठिकानों पर लक्षित हमले बोल दिए. मिसाइलों से छोड़े गए शक्तिशाली बमों ने भवनों समेत आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इन ठिकानों में बाघ, कोटली, भीमबेर, चक अमरू, मुजफ्फराबाद, गुलपुर, सियालकोट, मुरीदके और बहावलपुर शामिल हैं.

इन हमलों में कितने आतंकी मारे गए, यह संख्या निश्चित नहीं है, लेकिन 100 से ऊपर अवश्य हैं. सेना ने विलक्षण प्रयोग करते हुए इस हमले की जानकारी मीडिया को ‘ऑपरेशन  सिंदूर’  में शामिल भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह के माध्यम से दी.

सेना की दो महिला अधिकारियों द्वारा दी गई इस जानकारी से तय हुआ कि भारत में हर वर्ग और धर्म से जुड़ी नारी का सम्मान बराबरी से किया जाता है. इस प्रेसवार्ता में विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला 2008 में मुंबई हमले के बाद सबसे बड़ा था. यह हमला लश्कर-ए-तैयबा ने कराया था, जिसका संचालन पाकिस्तान से होता है.

पहलगाम हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी. यह लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मुखौटा संगठन है, जो लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों की आतंकी हरकतों को ही अंजाम देता है.  सेना ने कोटली अब्बास में जिस आतंकी शिविर को तबाह किया है, इसमें 1500 आतंकियों को प्रशिक्षण दिया गया था. मुरीदके में मरकज तैयबा को ध्वस्त किया गया है. यही लश्कर का मुख्यालय माना जाता है. यहीं पर मुंबई हमले के प्रमुख आतंकी अजमल कसाब ने प्रशिक्षण लिया था.

इस जवाबी कार्रवाई के बाद भारत की कूटनीति अत्यंत सफल दिखाई दी है. भारत का अमेरिका, रूस, जापान ने खुलकर साथ दिया.   तीनों सेनाओं ने इस जवाबी कार्रवाई को संयुक्त रूप से सफलता के सोपान पर पहुंचाया. मोदी ने वैश्विक आतंकवाद से लड़ने के लिए बीते 11 साल से जो मुहिम चलाई हुई है, वह एक रंग में रंगी दिखाई दे रही है. इसीलिए मोदी के नेतृत्व में भारत कूटनीतिक मोर्चे पर बहुत मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है. लिहाजा, भारत को अब बिना देर किए पाक अधिकृत कश्मीर जो वास्तव में भारत का हिस्सा है, वहां हस्तक्षेप करने की जरूरत है. बलूची, सिंधी, पश्तून, गिलगित-बाल्टिस्तान की जनता और पीओके में जो नागरिक स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहन  की जरूरत है.

चूंकि पीओके भारत का हिस्सा है, इसलिए जैश से जो इलाके मुक्त हुए हैं, वहां सुरक्षाबलों के ठिकाने भी बनाए जा सकते हैं. पाक को आतंकी देश घोषित करने की मुहिम चलाई जानी चाहिए. इस समय भारत को पाक द्वारा परमाणु हमले का भय दिखाया जा रहा है. हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि पाक किसी अतिवादी हमले पर विचार न करे. यदि पाकिस्तान एक परमाणु बम चलाएगा तो भारत 20 परमाणु बमों से जवाब देगा.

टॅग्स :पाकिस्तानPakistan Armyमोदी सरकारजम्मू कश्मीर
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