लाइव न्यूज़ :

शक्ति, बुद्धि और नवाचार के संगम वाली महिलाएं बन रहीं रोल मॉडल

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: January 1, 2026 07:30 IST

महिलाएं अपने कैरियर के दौरान किसी न किसी अन्य महिला को अपना रोल मॉडल पाती हैं, जो उनके आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत बनती हैं.  

Open in App

डॉ. अनन्या मिश्र

पुराणों और महाकाव्यों में चर्चा की गई है कि नारी में असीम साहस और बुद्धि का संगम होता है. बात चाहे द्रौपदी की हो या रानी लक्ष्मीबाई की, सावित्री की या अहिल्याबाई की– सभी ने अपने समय में साहस, बुद्धि और दृढ़ता से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया. आज वही भावना आधुनिक भारतीय महिला के डिजिटल, आर्थिक और स्वास्थ्य-संबंधी नेतृत्व में परिलक्षित हो रही है. यह नया साल उसी भावना से पूर्ण प्रतीत होता है जहां भारतीय महिला के जीवन, डिजिटल मंच, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य-संबंधी गतिविधियों में अद्भुत परिवर्तन आ चुका है.

महिलाएं अपने लिए अवसर गढ़ रही हैं, अपने लिए नई परिभाषाएं बना रही हैं और समाज की धारा को नई दिशा दे रही हैं– और इसमें डिजिटलाइजेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

डिजिटल दुनिया में भारतीय महिलाओं की उपस्थिति अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रही. सोशल मीडिया के माध्यम से वे मनोरंजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के हर क्षेत्र में अपना प्रभाव स्थापित कर रही हैं. उनकी तकनीकी और कौशल क्षमताएं भी नई ऊंचाइयों पर हैं.

इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार महिलाओं की नौकरी योग्यता पुरुषों से आगे निकल गई है. स्मार्टफोन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और माइक्रोफाइनेंस का लाभ उठाकर महिलाएं स्वरोजगार, निवेश और उद्यमिता में अपनी छाप छोड़ रही हैं. सर्वेक्षण बताते हैं कि लगभग 63% भारतीय महिलाएं स्वरोजगार और वित्तीय स्वतंत्रता की आकांक्षा रखती हैं, और यही आकांक्षाएं उन्हें आर्थिक निर्णयों और नेतृत्व भूमिकाओं में सक्रिय बना रही हैं.  

भारतीय महिलाओं का आर्थिक आत्मनिर्भरता में योगदान भी अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है. प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों में से 55% खाताधारक महिलाएं हैं, और भारत में 30% से अधिक यूपीआई लेनदेन महिलाओं द्वारा किए जा रहे हैं.  

इसी प्रकार स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवनशैली के क्षेत्र में भी महिलाएं सशक्त और प्रेरक बन रही हैं. योग, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और जीवन कौशल के डिजिटल समुदायों में भागीदारी के जरिए महिलाएं न केवल अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल भी कायम कर रही हैं.  

आज भारत में लगभग 80 लाख महिला उद्यमी हैं, जो देश के कुल उद्यमियों का लगभग 14% हिस्सा बनाती हैं और 20% एमएसएमई में नेतृत्व कर रही हैं. पिछले पांच वर्षों में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की संख्या 10% से बढ़कर 18% हो गई है, जिसमें लगभग 7,000 स्टार्टअप्स सक्रिय हैं और इन्हें लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का फंड मिला है.  वैश्विक शोध से यह भी पता चला है कि जब महिलाओं को वास्तविक, मानवीय और संघर्षशील रोल मॉडल दिखाई देते हैं तो उनका स्वयं का आत्मविश्वास और चयन क्षमता भी सकारात्मक रूप से प्रभावित होती है. महिलाएं अपने कैरियर के दौरान किसी न किसी अन्य महिला को अपना रोल मॉडल पाती हैं, जो उनके आत्मविश्वास और प्रेरणा का स्रोत बनती हैं.  

यह बदलाव केवल सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी संरचित प्रतीत होता है. 2026 सिर्फ नया वर्ष नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, नवाचार और नेतृत्व का प्रतीक वर्ष है.

टॅग्स :महिलावुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट मिनिस्ट्री
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: बेंगलुरु में दिन दहाड़े युवती पर हमला, प्रपोजल ठुकराने पर मारा थप्पड़; CCTV में कैद हुआ वाकया

विश्वCanada: भारतीय महिला की कनाडा में हत्या, संदिग्ध अब्दुल गफूरी की तलाश जारी

क्राइम अलर्टHaryana: भाई निकला कसाई..., बहन के कत्ल के लिए दोस्त को उकसाया, आरोपी ने रेप के बाद घोंटा गला

क्राइम अलर्टMaharashtra: नौकरी का झांसा देकर महिला से गैंगरेप, पीड़िता ने दर्ज कराई शिकायत

ज़रा हटकेVIDEO: नशे में धुत लड़की ने बुलाई रैपिडो, बाइक पर बैठते ही गिरी; संभालने की कोशिश में जूझता दिखा ड्राइवर

भारत अधिक खबरें

भारतLPG Price Hike: महंगाई के साथ शुरू नया साल, LPG कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि; दिल्ली से लेकर मुंबई तक देखें नई दरें

भारतNew Year 2026: जनवरी 2026 के पहले दिन क्या खुला, क्या बंद? कंफ्यूजन को करें दूर

भारतआत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने का लेना होगा संकल्प

भारतNew Year 2026 Wishes, Quotes और Messages: शेयर करें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ

भारतBMC Elections 2026: महायुति को बड़ा झटका, दो वार्डों में नॉमिनेशन रद्द, वोटिंग से पहले ही बाहर