वरिष्ठ पत्रकार, एकेडमीशियंस रहीस सिंह को पिछले तीन दशकों में पत्रकारिता क्षेत्र में प्रभावी दस्तक देने के साथ शिक्षा के क्षेत्र भी अतुलनीय कार्य के लिए पहचाना जाता है. आपने इतिहास, विदेश नीति, अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध और अर्थनीति से जुड़ी 19 पुस्तकों की रचना की है, जिनका प्रकाशन राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशन संस्थानों द्वारा किया गया है.Read More
अगर जी-20 सभी को साथ लेकर चलने में सफल हुआ होता तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जीती जा चुकी होती। कोविड महामारी से जिंदगियों को बचाने की लड़ाई अमीर-गरीब देश अकेले-अकेले न लड़ते, ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित न हुई होती और दुनिया मंदी के मुहाने तक न पहुंची होती। ...
चीन की सोशल मीडिया साइट ‘वीबो’ पर मंडारिन में सरकार विरोधी पोस्ट हटा दिए जाते हैं. इसे देखते हुए यूजर्स ने चीन के अधिकारियों को समझ में न आने वाली हांगकांग की ‘कैंटोनीज’ भाषा का उपयोग करना शुरू कर दिया है. ...
पाकिस्तान में लोकतंत्र कभी सशक्त हो ही नहीं सकता, वहां या तो कट्टरपंथ मजबूत होगा या फिर सेना. राजनीतिक नेताओं को इन्हीं की कठपुलियां बनकर काम करना होगा. ...
ऐसा लगता है कि जो बाइडन 9/11 से लेकर अब तक अफगानिस्तान-पाकिस्तान समीकरण को भी याद नहीं रख पा रहे हैं. या फिर वे ऐसा करना नहीं चाहते. फिर तो अमेरिका को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को समाप्त घोषित कर देना चाहिए. ...
अभी रूस और यूक्रेन के जरिये पूर्वी यूरोप, दक्षिणी काॅकेशस और यूरेशिया के भू-क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है। लेकिन यह यहीं तक सीमित नहीं रहनी है। इसका विस्तार मिडिल ईस्ट से लेकर एशिया-प्रशांत तक होना है। ...
चीन के श्वेतपत्र में यह संकेत दिया गया है कि चीन किसी भी कीमत पर ताइवान को मेनलैंड के साथ रियूनिफाई करेगा. इसका सीधा मतलब ये है कि चीन जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग के विकल्प को चुनेगा. ...
अब सवाल यह उठता है कि नैंसी की इस यात्रा से क्या एशियाई भू-राजनीति में नई चुनौतियों और टकरावों का दौर आरंभ होगा? क्या इस एशियाई द्वीप को लेकर यूक्रेनी पटकथा दोहराई जा सकती है? ...