लाइव न्यूज़ :

चीन गुप्त रूप से कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने की कोशिशों को रोकने में जुटा

By भाषा | Updated: December 30, 2020 14:07 IST

Open in App

मोजियांग (चीन), 30 दिसंबर (एपी)दक्षिण चीन में घने जंगलों से घिरी घाटियों में खदानों की सुरंग है जिसमें चमगादड़ों का जमावड़ा होता था जिन्हें अबतक ज्ञात जानकारी के मुताबिक कोविड-19 का सबसे करीबी स्रोत माना जाता है।

इस इलाके को लेकर बहुत रुचि है क्योंकि यहां पर कोरोना वायरस के स्रोत के संकेत मिल सकते हैं जिसने दुनिया भर में 17 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली है लेकिन यह राजनीतिक संवेदनशीलता की वजह से सूचना के लिए ‘ब्लैक होल’ बन गया है।

चमगादड़ों पर अनुंसधान करने वाली टीम हाल में यहां पहुंची थी लेकिन उनके द्वारा एकत्र नमूनों को जब्त कर लिया गया। यह जानकारी मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने दी। नवंबर के आखिर में एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को सादे कपड़ों में पुलिस ने कई कारों से पीछा किया और इलाके में जाने से रोक दिया।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से इनसानों के संक्रमित होने की पहली घटना आने के एक साल पूर होने को हैं लेकिन एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की जांच दिखाती है कि चीन की सरकार इस वायरस के स्रोत से जुड़े सभी अनुसंधानों पर कड़ाई से नियंत्रण कर रही है और उन अनुषांगी सिद्धांतों को प्रोत्साहित कर रही है जिसमें वायरस की उत्पत्ति कहीं बाहर होने की बात कही गई है।

एपी को मिले गोपनीय दस्तावेजों के मुताबिक सरकार वैज्ञानिकों के अनुंसधान की निगरानी कर रही है और यह अनिवार्य कर रही है कि अनुंसधान पत्रों को प्रकाशित करने से पहले राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अधीन कार्यरत कैबिनेट द्वारा प्रबंधित नए कार्यबल से पहले उन्हें अनुमोदित कराया जाए।

सरकार के भीतर से दस्तावेजों के लीक होने की दुलर्भ घटना के तहत दर्जनों अप्रकाशित दस्तावेज सामने आए जो लंबे समय से जताई जा रहीं आशंकाओं की कथित तौर पर पुष्टि करते हैं कि यह कठोर नीति शीर्ष से लागू की जा रही है।

एपी की जांच चीनी और विदेशी वैज्ञानिकों व अधिकारियों के साक्षात्कार के अलावा, सार्वजनिक नोटिस, लीक हुए ई-मेल, चीन की राज्य परिषद और चीन के रोग नियंत्रण एवं उन्मूलन केंद्र (सीडीसी) के अप्रकाशित दस्तावेजों पर आधारित है।

इससे खुलासा होता है कि महामारी की अवधि में सरकार की गोपनीयता एवं शीर्ष से नियंत्रण की परिपाटी रही।

पहचान गोपनीय रखते हुए सीडीसी में कार्यरत एक विशेषज्ञ ने बताया, ‘‘वे कुछ लोगों को ही चुनते हैं जिनपर वे भरोसा कर सकते हैं, जिन्हें वे नियंत्रित कर सकें।’’

चीन के विदेश मंत्रालय ने फैक्स के जरिये कहा, ‘‘नोवेल कोरोना वायरस दुनिया के कई हिस्से में मिले हैं और वैश्विक आधार पर अनुसंधान किया जाना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी ने छीनी केकेआर से जीत, पहली IPL फिफ्टी जड़कर एलएसजी को 3 विकेट से जिताया मैच

क्रिकेटKKR vs LSG: मुकुल चौधरी की शानदार हीरोइक्स ने रोमांचक आखिरी ओवर के मुकाबले में KKR से मैच छीनी

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

विश्व अधिक खबरें

विश्वईरान ने US के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने की सीमा रोज़ाना 15 जहाज़ों तक तय की

विश्वईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर उठे सवाल, नेताओं को किया गया ट्रोल

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?