लाइव न्यूज़ :

बबीता देवी की अर्थी को कंधा देने वाला कोई नहीं था?, न रिश्तेदार, न गांव और आखिरकार दो बेटियों ने ही मां को कंधा दिया और दी मुखाग्नि

By एस पी सिन्हा | Updated: January 30, 2026 16:54 IST

सारणः 20 जनवरी को जवईनियां गांव निवासी स्वर्गीय रविन्द्र सिंह की पत्नी बबीता देवी का पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया।

Open in App
ठळक मुद्दे करीब डेढ़ साल पहले परिवार के मुखिया रविन्द्र सिंह की भी मौत हो चुकी थी। पिता के जाने के बाद परिवार पहले ही आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा था। किसी तरह उस समय क्रिया-कर्म की रस्में निभा दी गईं।

सारणःबिहार में सारण जिले के मढ़ौरा प्रखंड के जवईनियां गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो समाज के सामने एक कड़वा और असहज करने वाला सवाल खड़ा करता है। दरअसल, वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा रहा है कि दो बेटियां अपनी मां की अर्थी को कंधा दे रही हैं। बबीता देवी की अर्थी को कंधा देने वाला कोई नहीं था न रिश्तेदार, न गांव. आखिरकार दो बेटियों ने ही मां को कंधा दिया, मुखाग्नि दी। बताया जाता है कि 20 जनवरी को जवईनियां गांव निवासी स्वर्गीय रविन्द्र सिंह की पत्नी बबीता देवी का पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया।

इससे करीब डेढ़ साल पहले परिवार के मुखिया रविन्द्र सिंह की भी मौत हो चुकी थी। पिता के जाने के बाद परिवार पहले ही आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहा था। किसी तरह उस समय क्रिया-कर्म की रस्में निभा दी गईं। लेकिन मां की मौत ने दोनों बेटियों को पूरी तरह तोड़ दिया। मां के निधन के बाद न कोई रिश्तेदार पहुंचा, न ही गांव के लोग आगे आए।

शव घंटों घर के दरवाजे पर पड़ा रहा। कंधा देने वाला कोई नहीं था। इस दौरान गांव की गलियों में दोनों बहनें दर-दर भटकती रहीं। हाथ जोड़कर लोगों से मदद की गुहार लगाती रहीं। लेकिन संवेदनाएं जैसे पत्थर बन चुकी थीं। काफी देर बाद दो-तीन लोग किसी तरह पहुंचे। मजबूर होकर दो बेटियों ने ही मां की अर्थी को कंधा दिया।

यह दृश्य गांव और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर गहरा सवाल छोड़ गया। मां को मुखाग्नि देने वाली बेटी मौसम सिंह ने बताया इलाज में जो थोड़े-बहुत पैसे थे, सब खत्म हो चुके हैं। अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ी चिंता मां के श्राद्ध संस्कार को लेकर है।

न पैसे हैं, न ही कोई सहयोग देने वाला। ऐसे में ये दोनों बहनें परंपरा और मजबूरी के बीच फंसी हैं। उनका समाज और रिश्तेदारों से सिर्फ एक ही आग्रह है- कोई आगे आए, मां के श्राद्ध में सहयोग करे, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिल सके।

टॅग्स :बिहारपटना
Open in App

संबंधित खबरें

भारततख्त श्री पटना साहिब गुरुद्वारे में माथा टेकने पटना पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केन्द्र सरकार और भाजपा पर बोला तीखा हमला

भारतबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की उद्योगपतियों को बिहार वापस आने और प्रदेश में ही उद्योग लगाने की अपील

भारतबिहार में पिछले एक माह में 8 हजार 681 बच्चों के गायब होने की बात आई सामने, 85 प्रतिशत संख्या लड़कियां हुईं गायब

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

क्राइम अलर्टसासाराम-पटना यात्री ट्रेन में भीषण आग, यात्रियों में दहशत, देखिए वीडियो

ज़रा हटके अधिक खबरें

ज़रा हटके'मोदी जी आप टेंशन मत लो… हम सिर्फ नानी के घर जाते हैं', PM मोदी की अपील पर बच्ची का वीडियो वायरल

ज़रा हटकेजब शादी बनी सामाजिक बदलाव का मंच: बड़वानी के गांव में 3‑डी मुक्त विवाह ने दी नई दिशा

ज़रा हटकेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, जम्मू में घोड़ा-तांगे दौड़ाने लगे लोग, वीडियो

ज़रा हटकेकॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यानः हथिनी ने स्वस्थ जुड़वां शावकों को जन्म दिया?, बेहद दुर्लभ घटना मान रहे वन्यजीव विशेषज्ञ, वीडियो

ज़रा हटके"सर... प्लीज़ मुझे गांजे का एक पैकेट दिलवा दीजिए": आंध्र प्रदेश का एक व्यक्ति मोबाइल टावर पर चढ़ा | VIDEO