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'3 महीने गुजर गए हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं है', रेल मंत्री पीयूष गोयल अपने बयान को लेकर हुए ट्रोल, यूजर्स ने यूं दिखाया आईना

By पल्लवी कुमारी | Updated: May 15, 2020 15:00 IST

लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों अपने घरवापसी के लिए भूख-प्यासे पैदल चलने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में 14 मई को सैकड़ों प्रवासी मजदूरों ने भोजन की व्यवस्था की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।

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ठळक मुद्देएक यूजर ने लिखा, गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि कई लोग बिना खाना खाए राज्य में रह रहे हैं और मंत्री जी कुछ और ही बयान दे रहे हैं।पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा कि हमने तीन महीने गुजारे हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं है।

नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री  पीयूष गोयल (Piyush Goyal)अपने एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं।  'कोविड 19: जान भी, जहान भी' एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा, ''हमने पूरे तीन महीने गुजार लिए हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं रहा है।'' पीयूष गोयल का यह बयान ऐसे वक्त आय जब देश में हर दिन कंही-न-कहीं भोजन के लिए मजदूर विरोध-प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से कई प्रवासी मजदूरों का काम-धंधा बंद हो गया है, जिसके बाद वह पैसों की किल्लत में भूख भी रह रहे हैं। पीयूष गोयल के इस बयान के बाद देश में मजदूरों की हालत और दयनीय स्थिति के बारे में पोस्ट कर ट्विटर यूजर्स मंत्री के बयान की आलोचना कर रहे हैं। 

मशहूर जूलरी डिजाइनर और संजय खान की बेटी फराह खान अली ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फराह खान अली ने, यह सच नहीं है सर। यहां कई सारे लोग हैं, कई लोगों को मैंने खुद देखा है जो भूखे हैं।

कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने लिखा, पीयूष गोयल कहते हैं कि भारत में कोई भुखमरी नहीं हुई है। तो बताइए आखिर क्यों हजारों प्रवासियों ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार के खिलाफ भोजन की कोई व्यवस्था नहीं करने के लिए विरोध किया।

बिस्किट्स के लिए लड़ते कुछ मजदूरों का वीडियो शेयर कर एक यूजर ने लिखा, पीयूष गोयल जी ये है भारत।

एक यूजर ने तंज करते हुए लिखा, मरे हुए लोगों को भूख नहीं लगती। बता दें कि लॉकडाउन में कई प्रवासी मजदूरों की भूखे पैदल चलने की वजह से मौतें हुई हैं।

ऑथर तवलीन सिंह लिखती हैं, पीयूष गोयल का कहना है कि इन लॉकडाउन के दौरान एक भी व्यक्ति ने भूखा नहीं है। मैं उन्हें धारवी दौरे का सुझाव दे रही हूं ताकि वह भोजन की कतारें, या राजमार्ग पर एक अभियान देख सकें, जहां बच्चे सिर्फ बिस्कुट और पानी पर जी रहे हैं। कई यूजर्स ने भी ऐसा ही केंद्रीय मंत्री पर तंज किया।  एक यूजर ने कई रिपोर्ट का हवाला देकर मंत्री के लिए लिखा, ये हमेशा ही झूठ बोलते हैं।

एक यूजर ने लिखा, गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि कई लोग बिना खाना खाए राज्य में रह रहे हैं और मंत्री जी कुछ और ही बयान दे रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा कि हमने तीन महीने गुजारे हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं है। यह केवल राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों का ही नतीजा नहीं है। यह करीब 130 करोड़ भारतीयों की मेहनत है। 

टॅग्स :पीयूष गोयलट्विटरप्रवासी मजदूर
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