कनकपुरा रोड पर प्रेस्टीज फाल्कन सिटी एक लक्जरी गेटेड समुदाय है जो बेंगलुरु के जल संकट का खामियाजा भुगत रहा है। संकट ने कई लोगों को अपने वॉशरूम का उपयोग करने के लिए पास के फोरम मॉल में लाइन लगाने के लिए मजबूर कर दिया है। ...
अखबार के भीतरी पन्नों में एक खबर थी देश में पीने के पानी के बारे में। इस खबर के अनुसार देश के 485 नगरों में से सिर्फ 46 में ही पीने का शुद्ध पानी है। इस आंकड़े के लिए किसी एजेंसी का हवाला दिया गया था। ...
Bengaluru: बेंगलुरु में पानी की कमी के चलते लोगों को हाथ में डिब्बे लेकर लाइन में लगना पड़ा। इस दौरान लोगों के चेहरे पर निराशा साफतौर पर झलक रही थी। चूंकि, इलाके में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। ...
जलवायु परिवर्तन के कुप्रभाव के चलते बरसात का अनियमित और असमय होना तो है ही। ऐसे में पानी का सारा दारोमदार भूजल पर है, जो कि अनंत काल तक चलने वाला स्रोत कतई नहीं है। ...
सऊदी अरब जैसे कुछ देश पहले ही भूजल जोखिम चरम बिंदु को पार कर चुके हैं, जबकि भारत सहित अन्य देश इससे ज्यादा दूर नहीं हैं। मतलब भारत की हालत भी निकट भविष्य में सऊदी अरब जैसी हो सकती है! ...
खेतों की सिंचाई के पारंपरिक तरीकों में पानी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है, जबकि अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके उससे कई गुना कम पानी में भी फसल ली जा सकती है। सबसे चिंताजनक पहलू है बारिश के पानी का संपूर्ण उपयोग न हो पाना। ...
तकनीक के माध्यम से प्रत्येक विभाग में डेटा एकत्र किया जाएगा और जल स्रोतों का मानचित्रण किया जाएगा। बाद में यह तय किया जाएगा कि जल एवं जल स्रोतों को सर्वोत्तम तरीके से कैसे युक्तिसंगत बनाया जाए। ...