विकास दुबे एक हिस्ट्रीशीटर था। वह उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात का रहने वाला था। उसके खिलाफ पहला आपराधिक मामला 1990 के दशक की शुरुआत में दर्ज किया गया था और 2020 तक 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। कानपुर शूटआउट का मुख्य आरोपी पांच लाख रुपये का इनामी बदमाश विकास दुबे 10 जुलाई, 2020 की सुबह कानपुर के भौती इलाके में राज्य पुलिस की एसटीएफ से हुई कथित मुठभेड़ में मारा गया। Read More
उज्जैन पुलिस के एएसपी शहर रूपेश द्विवेदी ने पूछने पर बताया कि विकास फरार होकर उत्तर देश से राजस्थान के अलवर, कोटा होता हुआ उज्जैन आया था। एएसपी के अनुसार उसकी बताई गई बातों पर सामान्य तौरपर विश्वास नहीं किया जा सकता है। कोरोना के चलते अभी बसें नहीं च ...
गिरफ्तार होने से पहले दुबे गुरुवार सुबह करीब सात बजे महाकाल मंदिर के गेट पर पहुंचा था और मंदिर में वीआईपी गेट से प्रवेश करने के लिए मंदिर परिसर स्थित एक पुलिस पोस्ट के पास से 250 रूपये की रसीद भी कटवाई थी। ...
ऋचा पर पति विकास दुबे के अपराधों में शामिल होने का आरोप है। वह आपराधिक घटनाओं में अपने पति का बढ़-चढ़कर साथ देती थी। यह भी आरोप है कि वह पिछले हफ्ते कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की वारदात ने भी शामिल थी। ...
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को बृहस्पतिवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस छह दिनों उसकी तलाश कर रही थी। ...
मध्य प्रदेश इस तरह के गैंगेस्टर के लिए चरागाह बन गया है। मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यह शरण और सरेंडर का खेल है। शर्मा ने आरोपा लगाया कि विकास दुबे के उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के भाजपा नेताओं से तल्लुक रहे हैं इसके लिए वह मध्य प ...
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को बृहस्पतिवार सुबह मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किये जाने के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ...
विकास ने अपनी गैंग के साथ मिलकर यूपी पुलिस के 8 कर्मचारियों को मौत के घाट उतारा है। उज्जैन बाबा महाकाल की पुलिस का रौद्र रूप उसे देखने को मिल गया है और एक चांटे में ही उसे तारे नजर आ गए। गौरतलब है कि जिस आरक्षक ने विकास को दिन में तारे दिखाए, उक्त आर ...
विकास ने महाकाल दर्शन किए। सुबह की आरती में शामिल हुआ। उसके बाद वह सप्तऋषि मंदिर के पीछे था कि उसे सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा। इसके बाद पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने उसे दबोचा और थाने ले गए, जहाँ से अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और फिर न्यायालय में पेश किया ...