शिवसेना एक राजनीति दल है। यह मुख्यत महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी है। इसकी स्थापना 19 जून 1966 में प्रमुख राजनीतिक कार्टूनिस्ट बालासाहेब ठाकरे ने की थी। इस दल का प्रतीक चिह्न (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है। इस समय उद्धव ठाकरे प्रमुख हैं। इसका मुखपत्र सामना है। Read More
28 नवंबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 28 मई को उनके कार्यकाल का छह माह पूरा हो जाएगा। इससे पहले उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है। ...
उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र स्थित एक शिवमंदिर में मंगलवार (28 अप्रैल) तड़के दो साधुओं की हत्या कर दी गई। शिवसेना को योगी आदित्यनाथ के जवाब देने के बाद से ट्विटर पर कई घंटों तक #योगी_हैं_तो_न्याय_है ट्रेंड में था। ...
Palghar mob lynching Case: 16 अप्रैल की रात तीन व्यक्ति (दो साधु और एक ड्राइवर) मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे। इसी दौरान, पालघर जिले में भीड़ ने इन्हें चोर समझकर उनके वाहन को रोक लिया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। ...
महाराष्ट्र में राजनीति गतिरोध जारी है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे किसी भी सदन में सदस्य नहीं हैं। 28 मई को उनका कार्यकाल 6 महीने का पूरा हो जाएगा। इससे पहले उन्हें किसी भी सदन के सदस्य होना जरूरी है। ...
शिवसेना ने सोमवार को कहा कि प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने का प्रबंध करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा, ‘‘ यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए ट्रेन और बसों की व्यव ...
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सरकार से प्रवासी मजदूरों को उनके मूल स्थानों पर भेजने को लेकर केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक दिशानिर्देश जारी करने की अपील की है। ...
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और अभी वह विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। छह माह के अंदर किसी भी सदन का सदस्य होना अनिवार्य है। अब यह देखना है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी क्या करत ...
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य विधानसभा या विधान परिषद में से किसी के भी सदस्य नहीं हैं। संविधान के अनुसार अगर शपथ ग्रहण के छह महीने के अंदर वे विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी की सदस्यता ग्रहण नहीं करते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ ...