चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
Surya Grahan ki Wajah: सूर्य ग्रहण क्यों लगता है इसके पीछे शास्त्रों में एक पौराणिक वजह बताई गई है। इस वजह का कारण राहु-केतु ग्रह से जुड़ा है। मान्यता है कि एक घटना के कारण ही यह ग्रहण लगना शुरू हुआ। ...
Mithun Sankranti Date and Time: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यह जून का माह कई मायनों में विशेष है। इस जून की शुरुआत में ही चंद्र ग्रहण लगा था, अब 21 जून को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण पूर्ण ग्रहण होगा, 18 साल बाद ऐसा सूर्य ग्रहण लगने जा ...
आज साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है इसलिए इस इस ग्रहण के सूतक नहीं लगेंगे और मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे। यह ग्रहण वृश्चिक राशि में लग रहा है। इस राशि के लोगों को थोड़ा सावधान होना होगा। ज्योतिष गणना के अनुस ...
5 जून को साल का दूसरा ग्रहण लगने जा रहा है। ये चन्द्र ग्रहण होगा। जून और जुलाई का ये महीना इसलिए भी खास है क्योंकि इस महीने में तीन ग्रहण लगने जा रहे हैं। अकेले जून के महीने में ही चन्द्र और सूर्य ग्रहण एक साथ लगने जा रहे हैं। हलांकि ज्योतिष शास्त्र ...
आज शुक्रवार की रात उपच्छाया चंद्र ग्रहण लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण 11:15 बजे शुरू होकर 2:34 बजे तक रहेगा । ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट की रहेगी। ज्योतिषियों का मानना है कि आज लगने वाला चंद्र ग्रहण प्रभावकारी नहीं होगा। इसलिए इसका ...