हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशियां पड़ती हैं। सभी एकादशियों में भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी का व्रत है। इसके करने से सभी एकादशियों का फल साधक को मिलता है। ऐसी भी मान्यता है कि निर्जला एकादशी को महाभारत काल में पांडु पुत्र भीम ने किया था। इसलिए इसे भीम एकादशी भी कहते हैं। Read More
सफलता एकादशी का व्रत करना सभी के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में धर्मराज युधिष्ठिर और भगवान श्रीकृष्ण के बीच की बातचीत के रूप में सफला एकादशी का महत्व मिलता है। ...
माना जाता है कि एक हजार अश्वमेघ यज्ञ मिलक कर भी इतना लाभ नहीं दे सकते जितना सफला एकादशी का व्रत रख कर मिल सकती है। माना जाता है कि सफला एकादशी के का व्रत रखने से सारे दुख समाप्त हो जाते हैं साथ ही मनुष्य की सारी इच्छाएं भी पूरी हो जाती हैं। ...
Safala Ekadashi 2019: इस बार एकादशी की तिथि 21 दिसंबर को शाम 5.15 बजे से शुरू हो रही है और ये 22 तारीख को दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक होगा। एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त पूरे दिन का है। ...
हिन्दू पंचाग के अनुसार हर महीने का अपना एक महत्व होता है। हर मास के आराध्य देव भी होते हैं. जैसे सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है वैसी ही पौष का महिना की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल पौष का महीना 22 दिसंबर से लग रह है। जो अगले ...
भगवान विष्णु को समर्पित इस दिन पर लोग श्रीहरि और मां लक्ष्मी की पूरी विधि-विधान से पूजा करते हैं। वहीं मार्गशीर्ष महीने में आने वाली इस मोक्षदा एकादशी में उपवास रखना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण विधि-पूर्वक इसका पारण करना भी होता है। ...
Mokshada Ekadashi Ki Katha: मोक्षदा एकादशी के दिन जो भी मन से पूजन करता है उसके सभी पाप कट जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की तुलसी की मंजरी, धूप और दीपों से पू्जा की जाती है। ...