TCS Nashik Case: वायरल वीडियो में पीड़ित की आपबीती, कहा- "जबरन पहनाई टोपी और नमाज के लिए बनाया दबाव"
By अंजली चौहान | Updated: April 17, 2026 12:57 IST2026-04-17T12:56:51+5:302026-04-17T12:57:07+5:30
TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक विवाद में एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें आरोपी तौसीफ अत्तार ईद के मौके पर शिकायतकर्ता के साथ नजर आ रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था।

TCS Nashik Case: वायरल वीडियो में पीड़ित की आपबीती, कहा- "जबरन पहनाई टोपी और नमाज के लिए बनाया दबाव"
TCS Nashik Case: नासिक में टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण मामले से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपी तौसीफ अत्तर, शिकायतकर्ता के साथ अत्तर के घर पर ईद की एक महफिल में नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सबसे पहले 'इंडिया टुडे' ने शेयर किया था और अब यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने पहले से ही गरमाए हुए इस मामले में एक नया मोड़ ला दिया है।
इस फुटेज में तौसीफ अत्तर, ईद के मौके पर शिकायतकर्ता का अपने घर पर गर्मजोशी से स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अत्तर, शिकायतकर्ता को गले लगा रहे हैं और उनके सिर पर एक 'स्कल कैप' (टोपी) पहना रहे हैं, जो कि इस्लाम में सिर ढकने का एक पारंपरिक तरीका है। ऐसा लगता है कि यह वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया था जब शिकायतकर्ता, अत्तर के घर एक सामाजिक मुलाकात के लिए गए थे। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि वह अपनी मर्ज़ी से वहां नहीं गए थे।
शिकायतकर्ता ने अब इस मुलाकात से जुड़े कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, ईद के मौके पर उन्हें तौसीफ अत्तर के घर बुलाया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें ऐसे हालात में बुलाया गया था, जिन्हें वह 'मजबूरी' बताते हैं। वहां पहुंचने के बाद, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें जबरदस्ती स्कल कैप पहनाई गई और फिर उनकी मर्जी के खिलाफ उनसे नमाज पढ़वाई गई।
TCS Complainants release shocking footage of accused Tausif allegedly converting victims, with claims that top corporate meeting rooms were quietly turned into madrasas for forced namaz and skull cap wearing, yet no one objected. pic.twitter.com/nnQptJeMT2
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 17, 2026
शिकायतकर्ता का तर्क है कि उनकी सहमति के बिना किसी दूसरे धर्म के धार्मिक रीति-रिवाजों में शामिल होने के लिए मजबूर करना एक गंभीर अपराध है। अगर ये आरोप साबित हो जाते हैं, तो भारतीय कानून के तहत धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
यह वीडियो सबसे पहले 'इंडिया टुडे' ने प्रकाशित किया था और उसके बाद इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर एक्स पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया।
एक्स पर कई न्यूज हैंडल्स और यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर करके इस मामले को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाया। सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी हुई हैं। कुछ लोग इस वीडियो को जबरदस्ती का सबूत मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग ईद की इस महफिल को एक सामान्य सामाजिक मुलाकात बता रहे हैं, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया है।
Despite educated, when someone dressed as Jihadi, they are more dangerous.
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) April 16, 2026
Father of TCS employee Tausif is saying we are well educated and someone planned this against his son..
Education gives them the mask to do their Jihadi work more easily.
Now what they can do is just… pic.twitter.com/fnw5KFAXcF
अत्तर के पिता ने अपने बेटे के बचाव में सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। उनका कहना है कि सभी आरोपियों को 'जानबूझकर फंसाया गया है'। वह इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और कहते हैं कि सभी आरोपी 'बेकसूर' हैं।