लाइव न्यूज़ :

Assembly Elections 2023: "कांग्रेस चुनावी खर्चे के लिए कर्नाटक की जनता से टैक्स वसूल रही है", केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रमुख जी किशन रेड्डी ने लगाया आरोप

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: November 20, 2023 14:56 IST

केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह तेलंगाना में चुनाव अभियान के लिए कर्नाटक में लोगों पर टैक्स लगा रही है।

Open in App
ठळक मुद्देकेंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी का कांग्रेस पर तीखा हमला रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस तेलंगाना चुनाव अभियान के लिए कर्नाटक में लोगों पर टैक्स लगा रही हैइस समय यहां पर 'केसीआर हटाओ, तेलंगाना बचाओ, बीजेपी जिताओ' का नारा लग रहा है

हैदराबाद: केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह तेलंगाना में चुनाव अभियान के लिए कर्नाटक में लोगों पर टैक्स लगा रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार जी किशन रेड्डी ने कहा, "कांग्रेस कर्नाटक में पांच गारंटियों के साथ सत्ता में आई थी लेकिन वे इन गारंटियों को पूरा नहीं कर रही है। कर्नाटक में समाज का हर वर्ग कांग्रेस के खिलाफ है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी के आदेश पर कांग्रेस भ्रष्टाचार में लगी हुई है।"

इसी के साथ तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रेड्डी ने कहा, "कांग्रेस ने तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपने चुनाव अभियानों को चलाने के लिए कर्नाटक की जनता पर 'चुनाव टैक्स' लगाया है और इस माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च किया है।''

भाजपा की ओर से यह आरोप तब लगे हैं, जब कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार जैसे कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री तेलंगाना में कांग्रेस के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार कर रहे हैं।

18 नवंबर को तेलंगाना के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने वाली भाजपा ने भी मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को सत्ता से हटाने की मांग करते हुए बीआरएस पर बेहद कड़ा हमला किया।

किशन रेड्डी ने हैदराबाद में पत्रकारों से कहा, "जनता इस समय एक ही नारा लगा रही है, 'केसीआर को हटाओ, तेलंगाना को बचाओ, बीजेपी को जिताओ'।

उन्होंने कहा, "हम बीआरएस के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच कराएंगे। केसीआर परिवार और बीआरएस विधायकों सहित किसी को भी इस जांच से नहीं बख्शा जाएगा।"

बीजेपी प्रदेश प्रभारी जी किशन रेड्डी ने दावा किया कि तेलंगाना की जनता का बीजेपी को भरपूर समर्थन मिल रहा है और वह 3 दिसंबर को बहुमत के साथ विजयी होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हमें गांवों और विधानसभाओं में उम्मीदों से अधिक समर्थन मिल रहा है। एससी, किसान और कमजोर वर्ग हमारा समर्थन कर रहे हैं। हम कई विधानसभाओं में नेतृत्व कर रहे हैं। लोग बीआरएस के खिलाफ एक खमोश क्रांति के तौर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "तेलंगाना के लोग बदलाव चाहते हैं, वे चाहते हैं कि केसीआर जाए। कई युवा अपने परिवारों के कांग्रेस या बीआरएस का समर्थन करने के बावजूद भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जो गारंटी दी गई है, वो केवल वोटरों को गुमराह करने के लिए है।"

जी किशन रेड्डी ने कहा, "भाजपा अपने शब्दों पर कायम है। कांग्रेस के कारण तेलंगाना को कई नुकसान हुए। कांग्रेस ने कभी भी तेलंगाना के लिए काम नहीं किया। कांग्रेस की गारंटी नकली गारंटी है।"

टॅग्स :तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023विधानसभा चुनाव 2023G Kishan Reddyकांग्रेसCongress
Open in App

संबंधित खबरें

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारतकौन थे भुवन चंद्र खंडूरी?, देहरादून में निधन

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

तेलंगाना अधिक खबरें

तेलंगानाHyderabad: केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, एआईएमआईएम कांग्रेस के साथ मिलकर लोगों को धोखा दे रहे हैं

तेलंगानाMahmood Ali faints: तेलंगाना के पूर्व डिप्टी सीएम हुए बेहोश, वीडियो आया सामने

तेलंगानावाईएस शर्मिला आज वाईएसआर तेलंगाना पार्टी का कांग्रेस में करेंगी विलय, जगन मोहन रेड्डी के लिए भारी चुनौती

तेलंगाना"केसीआर ने विधानसभा चुनाव से पहले चुपके से खरीदा 22 लैंड क्रूजर", मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने लगाया बड़ा आरोप

तेलंगानाTelangana Assembly Elections 2023: कांग्रेस के दो सांसद ने लोकसभा से दिया इस्तीफा, आखिर क्या है कारण