लाइव न्यूज़ :

1 अप्रैल से बैंक ही तय करेंगे होम लोन, पर्सनल लोन और व्हिकल लोन की ब्याज दरें, RBI ने दिए निर्देश

By स्वाति सिंह | Updated: December 6, 2018 14:14 IST

आरबीआई के ‘विकासात्मक और नियामकीय नीतियों पर बयान’ में कहा गया है कि बाहरी मानकों से ब्याज दर को जोड़े जाने को लेकर अंतिम दिशानिर्देश इस माह के अंत में जारी किया जाएगा।

Open in App

रिजर्व बैंक ने कहा कि व्यक्तिगत, आवास, वाहन और सूक्ष्म तथा लुघ उद्यम कर्ज पर ‘फ्लोटिंग’ (परिवर्तनीय) ब्याज दरें अगले साल एक अप्रैल से रेपो दर या सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर प्रतिफल जैसे बाहरी मानकों से संबद्ध की जाएंगी।

फिलहाल बैंक अपने कर्ज पर दरों को प्रधान उधारी दर (पीएलआर), मानक प्रधान उधारी दर (बीपीएलआर), आधार दर तथा अपने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) जैसे आंतरिक मानकों के आधार पर तय करते हैं। 

आरबीआई के ‘विकासात्मक और नियामकीय नीतियों पर बयान’ में कहा गया है कि बाहरी मानकों से ब्याज दर को जोड़े जाने को लेकर अंतिम दिशानिर्देश इस माह के अंत में जारी किया जाएगा।

आरबीआई ने एमसीएलआर प्रणाली की समीक्षा के लिये एक आंतरिक अध्ययन समूह का गठन किया था। समूह ने फ्लोटिंग ब्याज दर को बाह्य मानकों से जोड़ने का सुझाव दिया है।

आरबीआई ने कहा, ‘‘...यह प्रस्ताव किया जाता है कि व्यक्ति या खुदरा कर्ज (मकान, वाहन आदि) तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिये सभी नई फ्लोटिंग ब्याज दरें एक अप्रैल से (रिजर्व बैंक द्वारा तय) रेपो दर या 91 / 182 (91 दिन/182 दिन) के ट्रेजरी बिल (सरकारी बांडों) पर यील्ड (निवेश-प्रतिफल) या फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लि. (एफबीआईएल) द्वारा तय की जाने वाली किसी अन्य मानक बाजार ब्याज दर से संबद्ध होंगी।’’ 

केंद्रीय बैंक के अनुसार, ‘‘ किसी कर्ज के लिए ब्याज दर निर्धारित मानक दर से कितनी ऊंची रखी जाए, यह निर्णय कर्ज देने वाले बैंक का होगा। मानक दर और कर्ज की दर के बीच का यह अंतर कर्ज की पूरी अवधि के लिए एक जैसा बना रहेगा बशर्ते उस कर्ज के आकलन में अचानक कोई बड़ा बदलाव न आ जाए या दोनों पक्षों की बीच अनुबंध में बदलाव की सहमति न हो जाए। ’’ 

इसमें कहा गया है कि बैंक अन्य कर्जदारों को भी बाह्य मानकों से जुड़े ब्याज पर कर्ज देने को आजाद है।

आरबीआई ने यह भी कहा है, ‘‘पारदर्शिता, मानकीकरण और कर्जदारों के लिये कर्ज उत्पादों के बारे में आसान समझ सुनिश्चित करने के लिये बैंक किसी एक कर्ज श्रेणी में एक समान बाह्य माकक दर अपनाएंगे। अन्य शब्दों में एक ही बैंक द्वारा किसी एक कर्ज श्रेणी में कई मानकों को अपनाने की अनुमति नहीं होगी।’’

(भाषा इनपुट के साथ) 

टॅग्स :आरबीआई
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Holidays Next Week: बैंक जाने का है प्लान? पहले देख लें अगले हफ्ते की छुट्टियों की पूरी लिस्ट, कहीं पछताना न पड़े

कारोबारएस्ट्यूट फाइनेंस, रेजिस इंडस्ट्रीज, एमआर फिनकैप और आईएनडी कॉर्प सिक्योरिटीज सहित 150 एनबीएफसी पंजीकरण रद्द, एक्शन में आरबीआई

कारोबारBank Holidays Next Week: अगले हफ्ते बैंक जाने से पहले चेक कर लें छुट्टियों की लिस्ट, इन तारीखों को नहीं होगा काम

कारोबाररोहित जैन तीन साल के लिए नियुक्त हुए RBI के डिप्टी गवर्नर, टी. रबी शंकर की ली जगह

कारोबारBank Holiday: घर से निकलने से पहले पढ़ लें ये जरूरी खबर, आज नहीं खुलेंगे बैंक; जानें आपके शहर में छुट्टी है या नहीं

पर्सनल फाइनेंस अधिक खबरें

पर्सनल फाइनेंसLIC New Schemes: LIC ने शुरू की 2 नई योजनाएं, पूरे परिवार के लिए मिलेगी ये सुविधा, यहां करें चेक

पर्सनल फाइनेंसPPO Number: रिटायर पेंशनभोगियों के लिए जरूर है PPO नंबर, जानें क्या है ये और ऑनलाइन कैसे करें पता

पर्सनल फाइनेंसLIC Amrit Bal Policy: बच्चों के भविष्य के लिए जरूर कराए LIC की ये पॉलिसी, जानें पूरी पॉलिसी डिटेल्स

पर्सनल फाइनेंसस्टार्टअप कंपनीज को आईपीओ बनाने की मुहिम में जुटे मोटिवेशनल स्पीकर डॉ विवेक बिंद्रा

पर्सनल फाइनेंसRBI ने Mastercard पर लगाया बैन,22 जुलाई से बैंक नहीं जारी कर पाएंगे नए मास्टर डेबिट और क्रेडिट कार्ड