एस्ट्यूट फाइनेंस, रेजिस इंडस्ट्रीज, एमआर फिनकैप और आईएनडी कॉर्प सिक्योरिटीज सहित 150 एनबीएफसी पंजीकरण रद्द, एक्शन में आरबीआई
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 14, 2026 21:00 IST2026-05-14T21:00:10+5:302026-05-14T21:00:58+5:30
आरबीआई ने बताया कि गुरु किरपा फिनवेस्ट, गजराज सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज, अशोका विनियोग और पूर्वांचल इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग कंपनी समेत चार एनबीएफसी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कारोबार से बाहर निकलने के कारण अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र 'सरेंडर' कर दिया।

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नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दो प्रमुख निवेश कंपनियों (सीआईसी) आरआर होल्डिंग्स और अंजलि कैपफिन के अनुरोध पर उनका पंजीकरण प्रमाणपत्र बृहस्पतिवार को रद्द कर दिया।केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन कंपनियों का पंजीकरण प्रमाणपत्र इसलिए रद्द किया गया क्योंकि वे अब ऐसे मानकों को पूरा करती हैं, जिनके तहत बिना पंजीकरण के भी सीआईसी के रूप में काम किया जा सकता है। इसके अलावा, एचडीएफसी होल्डिंग्स का भी पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिया गया, क्योंकि यह कंपनी विलय के बाद एक अलग कानूनी इकाई नहीं रही।
यह उन सात गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में शामिल है, जिन्होंने अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र लौटाया है। इसके साथ ही आरबीआई ने बताया कि गुरु किरपा फिनवेस्ट, गजराज सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज, अशोका विनियोग और पूर्वांचल इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग कंपनी समेत चार एनबीएफसी ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कारोबार से बाहर निकलने के कारण अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र 'सरेंडर' कर दिया।
एक अलग अधिसूचना में आरबीआई ने एस्ट्यूट फाइनेंस, रेजिस इंडस्ट्रीज, एमआर फिनकैप और आईएनडी कॉर्प सिक्योरिटीज सहित 150 एनबीएफसी के पंजीकरण भी रद्द कर दिए। हालांकि, टाटा संस की तरफ से पंजीकरण प्रमाणपत्र सरेंडर करने के अनुरोध पर रिजर्व बैंक ने कोई टिप्पणी नहीं की।