लाइव न्यूज़ :

राजस्थान में अनलॉक-5 की गाइडलाइन, ‘नो मास्क नो एंट्री‘ पर जोर, शादी में केवल 50 अतिथि

By धीरेंद्र जैन | Updated: October 2, 2020 21:36 IST

गाइडलाइन जारी कर दी, जो 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के लिए है। इसमें सर्वाधिक ध्यान सरकार ने फेस मास्क पर देते हुए ‘नो मास्क-नो एंट्री‘ का नियम लागू किया है। जिसके अनुसार, बिना मास्क के कहीं पर भी एंट्री नहीं दी जाएगी।

Open in App
ठळक मुद्देअनलाॅक -5 की गाइडलाइन के अनुसार सभी कंटेनमेंट जोन में 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन रहेगा।सभी विद्यालय, महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। मात्र 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी परामर्श लेने के लिए विद्यालय जा सकेंगे।अंतिम संस्कार और उससे संबंधित कार्यक्रमों में 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी।

जयपुरः राजस्थान में राज्य सरकार ने देर रात अनलॉक-5 की गाइडलाइन जारी कर दी, जो 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के लिए है। इसमें सर्वाधिक ध्यान सरकार ने फेस मास्क पर देते हुए ‘नो मास्क-नो एंट्री‘ का नियम लागू किया है। जिसके अनुसार, बिना मास्क के कहीं पर भी एंट्री नहीं दी जाएगी।

अनलाॅक -5 की गाइडलाइन के अनुसार सभी कंटेनमेंट जोन में 31 अक्टूबर तक लॉकडाउन रहेगा। जबकि, विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं के लिए सभी विद्यालय, महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। मात्र 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी परामर्श लेने के लिए विद्यालय जा सकेंगे।

राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में जारी की गई अनलाॅक - 5 की गाइडलाइन के प्रमुख बिन्दुओं के अनुसार विवाह समारोह में 50 से अधिक अतिथि शामिल नहीं हो सकेंगे और विवाह स्थल के दरवाजे, रेलिंग को बार-बार सैनिटाइज करवाना होगा।

कोई भी बिना फेस मास्क पहने विवाह समारोह में शामिल नहीं होगा और सबसे महत्वपूर्ण यह कि समारोह के  आयोजन से पूर्व उपखंड मजिस्ट्रेट को सूचना देनी होगी। ‘नो मास्क नो एंट्री‘ के नियम की की सख्ती से पालन की जाएगी। अंतिम संस्कार और उससे संबंधित कार्यक्रमों में 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी।

मास्क और सामाजिक दूरी की पालना करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक और धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य बड़े सामूहिक आयोजन की अनुमति इस अनलाॅक में नहीं दी गई है। विद्यालय छात्रों को स्कूल में आने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। यह पूर्णरूपेण विद्यार्थी के अभिभावकों की सहमति पर निर्भर होगा।

किसी भी प्रकार के सार्वजनिक और आम कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग भाग नहीं ले सकेंगे लेकिन ऐसे आयोजन के लिए आयोजकों को बैठक व्यवस्था के प्लान के साथ आवेदन करना होगा तथा किसी भी शर्त की पालना नहीं होने की दशा में भारी जुर्माना वसूला जाएगा। दुकानों में ग्राहक से पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जाएगी। नो मास्क नो सर्विस के नियम का कठोरता से पालन करना होगा।  

आवागमन के साधनों में लोगों के राज्य से बाहर आने-जाने पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। कॉमर्शियल यात्री वाहन यात्रा से पहले और बाद में सीटों और छूने के स्थानों को सैनिटाइज करेंगे। साथ ही निर्धारित सुरक्षा सावधानियों का पालन करेंगे। मेट्रो का संचालन भी नियमित रूप से किया जाएगा। 

गांधी जयंती पर मुख्यमंत्री ने किये महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को गांधी जयंती के अवसर पर शासन सचिवालय पहुंचे और यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। कला एवं संस्कृति मंत्री बी. डी. कल्ला, सूचना एवं जनसम्पर्क राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप आदि ने भी इस अवसर पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री इसके बाद जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित गांधी सर्किल पहुंचे और वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। कला एवं संस्कृति मंत्री बी.डी. कल्ला, अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शालेे मोहम्मद, सूचना एवं जनसम्पर्क राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी इस मौके पर श्रद्धासुमन अर्पित कर राष्ट्रपिता को याद किया।

गहलोत सरकार ने पेश किया अपने कामकाज का लेखा-जोखा

राजस्थान की गहलोत सरकार ने जन घोषणा पत्र में किए गए कामों का लेखा-जोखा केन्द्रीय नेतृत्व को पेश किया। रिपोर्ट कार्ड में बताये गये सरकार द्वारा किये गये कार्यों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के प्रभारी कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि राजस्थान सरकार ने कांग्रेस के घोषणापत्र को नीति दस्तावेज बनाया।

किसी भी लोकतंत्र में सरकार के लिए इससे बेहतर तरीका काम करने के लिए नहीं हो सकता है। फीडबैक के दौरान सामने आया कि सभी मंत्रियों के कामकाज का 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने अपना काम बेहतर तरीके से किया है। कई काम ऐसे हैं कि जो हमारे घोषणापत्र में नहीं थे, उसके बावजूद पूरे किए गए हैं।

उन्होंने सरकार के मंत्रियों को नसीहत दी कि हर मंत्री अपने क्षेत्र के जिले के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक जरूर करें। जिससे किसी को शिकायत का अवसर न मिले और सभी की समस्या का समाधान संभव हो सके।

उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में राजस्थान में सरकार द्वारा जिस तरह के काम किए गए, वो भी सराहनीय हैं। सभी आंकड़ों की दृष्टि से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन राजस्थान का निकलकर आ रहा है। चाहे वो मृत्युदर की बात हो। अशोक गहलोत के शासन में सरकार ने हमेशा अच्छा काम किया है। फिर चाहे वो कोरोना काल हो या अकाल का वक्त। हम हमेशा उसकी चर्चा करते हैं। 

टॅग्स :राजस्थान में कोरोनाअशोक गहलोतकांग्रेसजयपुरकोविड-19 इंडियाराजस्थान समाचार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकेरल सीएम सतीशन का पहला आदेश: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी

भारतकौन हैं वडास्सेरी दामोदर मेनन सतीशन?, परावुर सीट से 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत हासिल की?

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतBilaspur Nikay Chunav Results: कुल 11 सीट और भाजपा ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीट पर दर्ज की जीत?

भारतKerala Oath Taking Ceremony: 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी?, केरल के नए सीएम सतीशन, राज्यपाल अर्लेकर ने 20 मंत्रियों को दिलाई शपथ, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज