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अदालत ने आरोपी से याचिका में संशोधन कर जमानत का अनुरोध करने को कहा

By भाषा | Updated: September 2, 2021 19:44 IST

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बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 2019 में एक नक्सली विस्फोट से जुड़े मामले की कैंसर से जूझ रही एक आरोपी से बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी याचिका में संशोधन कर जमानत का अनुरोध करे। याचिकाकर्ता निर्मला उप्पुगंती ने अदालत से अनुरोध किया है कि उसे जेल से एक अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए क्योंकि वह अंतिम चरण के कैंसर से पीड़ित है। यह मामला एक मई, 2019 को गढ़चिरौली जिले के जम्भुलखेड़ा गांव के पास एक बारूदी सुरंग में विस्फोट के कारण 15 सुरक्षाकर्मियों और एक आम नागरिक की मौत से संबंधित है।न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ ने उप्पुगंती के वकील पायोशी रॉय को निर्देश दिया कि वह अंतिम राहत के रूप में जमानत लेने के लिए और अंतरिम राहत के रूप में यहां भायखला महिला जेल से किसी अस्पताल में स्थानांतरित करने का अनुरोध करने के लिए याचिका में संशोधन करे। उप्पुगंती ने वरिष्ठ वकील युग चौधरी और वकील रॉय के जरिए इस सप्ताह की शुरुआत में दायर याचिका में कहा है कि उसे देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए ताकि ‘‘जीवन के अंतिम दिनों में उसकी उचित देख रेख हो सके’’। राज्य की वकील संगीता शिंदे ने कहा कि जेल अधिकारी उप्पुगंती को चिकित्सकों की सलाह के अनुसार इलाज के लिए हर दूसरे दिन शहर के टाटा मेमोरियल केयर सेंटर ले जाते हैं, लेकिन रॉय ने दावा किया कि जेल में उसे भीड़-भाड़ वाली कोठरी में रखा जाता है, उसे फर्श पर सोना पड़ता है और कुछ आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उसे मुहैया नहीं कराई जाती। इसके बाद न्यायाधीशों ने उससे पूछा कि अगर उसने जमानत का अनुरोध नहीं किया है, तो वे उसकी रिहाई के लिए कोई आदेश कैसे पारित कर सकते हैं। रॉय ने कहा कि उप्पुगंती का पति भी इस मामले में न्यायिक हिरासत में है। वकील ने कहा कि जेल के बाहर उप्पुगंती के परिवार का कोई सदस्य नहीं हैं और इसलिए उसने जमानत का अनुरोध नहीं किया। इसके बाद अदालत ने रॉय ने कहा कि वह याचिका में संशोधन करके जमानत का अनुरोध करे या कम से कम यह बताए कि याचिकाकर्ता ने जमानत का अनुरोध क्यों नहीं किया। अदालत ने जेल प्राधिकारियों को उप्पुगंती को टाटा मेमोरियल अस्पताल ले जाना जारी रखने और इस महीने के अंत में अगली सुनवाई पर अदालत को उसकी चिकित्सकीय स्थिति के बारे में सूचित करने का भी निर्देश दिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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