नोटबंदी केस में बड़ा आदेश, आरबीआई को 2 लाख रुपये के नोट बदलने के निर्देश
By फहीम ख़ान | Updated: April 23, 2026 19:43 IST2026-04-23T19:43:50+5:302026-04-23T19:43:50+5:30
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता गिरीश मलानी के पास से पुलिस ने नोटबंदी के दौरान तय समयसीमा से पहले ही रकम जब्त कर ली थी.

नोटबंदी केस में बड़ा आदेश, आरबीआई को 2 लाख रुपये के नोट बदलने के निर्देश
नागपुर: बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने अपने अहम फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को नोटबंदी के दौरान जब्त किए गए 2 लाख रुपये के पुराने 500 रुपये के नोट बदलने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि संबंधित व्यक्ति को उस गलती की सजा नहीं दी जा सकती, जिसमें उसकी कोई भूमिका ही नहीं थी.
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता गिरीश मलानी के पास से पुलिस ने नोटबंदी के दौरान तय समयसीमा से पहले ही रकम जब्त कर ली थी. ऐसे में वह नोट बदलने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके. मामले के अनुसार, 1 दिसंबर 2016 को मलानी 500 रुपये के 400 नोट यानी कुल 2 लाख रुपये लेकर माहुर जा रहा था, तभी पुलिस ने चुनावी गश्त के दौरान रकम जब्त कर थाने में जमा कर दी. बाद में आयकर विभाग ने जांच में रकम को वैध माना और किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं बताई.
हालांकि, यह राशि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद लौटाई गई. जब मलानी ने जनवरी 2017 में नोट बदलने के लिए आरबीआई से संपर्क किया, तो उसका अनुरोध ठुकरा दिया गया. कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई के कारण नागरिक के अधिकार प्रभावित नहीं हो सकते. पीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता एक सप्ताह के भीतर नोट आरबीआई में जमा करे, जिसके बाद सात सप्ताह के भीतर उनकी जांच कर वैध मुद्रा में बदल दिया जाए.