लाइव न्यूज़ :

PM मोदी आज 'ज्ञान भारतम' पोर्टल करेंगे लॉन्च, जानिए क्या है और इसका महत्व

By अंजली चौहान | Updated: September 12, 2025 10:15 IST

Gyan Bharatam portal: pm मोदी आज पांडुलिपि विरासत को डिजिटल बनाने के लिए 'ज्ञान भारतम' पोर्टल लॉन्च करेंगे

Open in App

Gyan Bharatam portal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ करेंगे, जिससे पारंपरिक ज्ञान पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की समृद्ध पांडुलिपि विरासत को पुनर्जीवित करने पर चर्चा शुरू होगी। 11 से 13 सितंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का विषय "पांडुलिपि विरासत के माध्यम से भारत की ज्ञान विरासत को पुनः प्राप्त करना" है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुँच में तेजी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। 

ज्ञान भारतम पोर्टल क्या है?

"ज्ञान भारतम" पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच में तेजी लाने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे संस्कृति मंत्रालय के "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत शुरू किया गया है, जिसकी घोषणा 2025-26 के केंद्रीय बजट में की गई थी।

क्या है इस पोर्टल का उद्देश्य

पांडुलिपियों का संरक्षण: इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य भारत के शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहों में मौजूद 1 करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण करना है।

डिजिटल भंडार का निर्माण: यह एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार बनाएगा, जो भारत की ज्ञान प्रणालियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा।

सार्वजनिक पहुँच: यह पोर्टल दुर्लभ और मूल्यवान पांडुलिपियों को शोधकर्ताओं, छात्रों और आम लोगों के लिए सुलभ बनाएगा, जिससे भारत की समृद्ध बौद्धिक परंपराएं दुनिया के सामने आ सकेंगी।

आधुनिक तकनीक का उपयोग: इस मिशन में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और संग्रह के लिए अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया जाएगा।

परंपरा और तकनीक का संगम: यह पहल परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर हमारी विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखेगी।

एक बयान के अनुसार, यह सम्मेलन भारत की अद्वितीय पांडुलिपि विरासत को पुनर्जीवित करने और इसे वैश्विक ज्ञान संवाद में स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हेतु अग्रणी विद्वानों, संरक्षणवादियों, प्रौद्योगिकीविदों और नीति विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। इस कार्यक्रम में दुर्लभ पांडुलिपियों की एक प्रदर्शनी और संरक्षण, डिजिटलीकरण तकनीक, मेटाडेटा मानक, कानूनी ढाँचे, सांस्कृतिक कूटनीति और प्राचीन लिपियों के गूढ़ अर्थ जैसे प्रमुख विषयों पर विद्वानों की प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीमोदी सरकारहिस्ट्रीPortugal
Open in App

संबंधित खबरें

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम