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छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया फैसला, मरीजों को मिलेगा ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श

By भाषा | Updated: April 19, 2020 14:46 IST

अधिकारियों ने बताया,‘‘ लॉकडाउन के कारण अनेक लोगों को चिकित्सा की सामान्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हैं, निकट भविष्य में परिस्थितियां सामान्य होने की संभावनाएं कम ही हैं।

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ठळक मुद्देमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस वेबसाइट से सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को जोड़ने को कहा है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श देने और मरीजों को बताई गई दवाएं भी घरों तक पहुंचाने का फैसल किया है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श की सुविधा देने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट शुरू की जाएगी। इस बेबसाइट में मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श निःशुल्क मिल सकेगा।

इस व्यवस्था में गंभीर बीमारियों के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें अस्पताल लाने और ले जाने के लिए एम्बुलेंस तथा लैब आदि की भी सुविधा मिलेगी। इस प्रकार यह वेबसाइट एक आभासी अस्पताल की तरह काम करेगी। अधिकारियों ने बताया,‘‘ लॉकडाउन के कारण अनेक लोगों को चिकित्सा की सामान्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हैं, निकट भविष्य में परिस्थितियां सामान्य होने की संभावनाएं कम ही हैं। ऐसे में यह ऑनलाइन व्यवस्था मरीजों के लिए काफी कारगार साबित होगी।’’

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सीय परामर्श और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह के भीतर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। जिससे जल्द ही ऑनलाइन चिकित्सा उपलब्ध करायी जा सके। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस वेबसाइट से सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों को जोड़ने को कहा है। परामर्श लेने के पहले मरीजों को मेडिकल हिस्ट्री जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे रिपोर्ट, तथा पुराने उपचार के संबंध में मेडिकल पर्ची आदि अपलोड करनी होगी। मरीजों को इस वेबसाइट से सरकारी और निजी चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श मिल सकेगा।

प्रत्येक सरकारी अस्पताल के चिकित्सक ऑनलाइन परामर्श के लिए निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे। निजी चिकित्सक भी इस सेवा से निःशुल्क परामर्श देने की शर्त पर उपलब्ध रह सकते हैं। निजी चिकित्सक अस्पताल के अलावा अपने घरों से भी परामर्श दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक मरीजों से बात कर उन्हें चिकित्सीय परामर्श देंगे। आवश्यकता होने पर मरीजों को अस्पताल आने की सलाह भी दे सकेंगे। वहीं आवश्यकता होने पर मरीज को एम्बुलेंस सुविधा भी वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा मरीजों को सुझायी गई दवाएं भी घरों तक पहुंचाईं जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस वेबसाइट के माध्यम से सरकारी और निजी लैब द्वारा भी सेम्पल कलेक्शन की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके लिए इच्छुक निजी लैब का पंजीयन किया जाएगा। पंजीकृत लैब की रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के लिए लगातार इलाज की आवश्यकता होती है, तथा कुछ बीमारियों के उपचार के लिए लम्बे समय तक रुकना संभव नहीं होता।

लॉकडाउन के समय इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त करने में आ रही दिक्कत को देखते हुए इस प्रकार की बीमारियों को सूचीबद्ध किया जाएगा जिनमें लगातार चिकित्सीय परामर्श और इलाज की जरूरत है। ऐसे अस्पतालों तथा इलाज की आवश्यकता वाले मरीजों का पंजीयन कर उन्हें आनलाइन बुकिंग की सुविधा दी जाएगी। बुकिंग समय पर मरीजों के इलाज एवं चिकित्सीय परामर्श के अलावा उन्हें लाने ले जाने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी मिलेगी।  

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