जबलपुर: बरगी डेम में गुरुवार को अथाह जलराशि में पर्यटकों से भरा पर्यटन विभाग का क्रूज तूफान में लहराते हुए डूब गया था।जिसे आज शुक्रवार को लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया है। क्रूज से 500 निकल गए हैं प्रशासन के साथ अनुसार व्रत की संख्या नौ हो गई है 15 लोगों को पूर्व में ही घायल अवस्था में निकाल लिया गया था जिनका उपचार जारी है चार पर्यटक अभी भी लापता है वही प्रत्यक्ष दृश्य का कहना है कि क्रूज में पर्यटकों की संख्या ज्यादा थी।
लगभग 40 से अधिक लोग क्रूज में सवार थे । जिस समय क्रूज से शवों को बाहर निकाला जा रहा था तब एक दृश्य देखकर वहां पर उपस्थित है सभी लोग गमगीन हो गए एक मां अपने 4 वर्षीय बेटे को लाइव जैकेट के अंदर छुपा कर हाथ से जकड़े हुए थी उस दृश्य ने सबको झकझोर दिया झगड़ा दिया। वहीं क्रूज में सवार आयुध निर्माणी खमरिया (ओएफके) के श्रमिक नेता कामराज आर्य और उनके बेटे तमिल व 9 वर्षीय बच्चे मयूरन एवं छह वर्षीय बच्चा अभी भी लापता हैं। अब गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश बरगी बांध में की जाएगी।
इस दर्दनाक हादसे में मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवजबलपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ यादव वेस्ट लैंड स्थित ओएफके कर्मचारी नेता कामराज आर्य के घर भी पहुंचे। इस हादसे में उक्त परिवार ने अपने पांच सदस्यों को खो दिया है। वहीं दो अभी लापता हैं।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव साउथ सिविल लाइन भसीन रेसीडेंसी स्थित सैयद रियाज हुसैन के निवास पहुँचकर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेशमा सैयद के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सैयद रियाज हुसैन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।
उप मुख्यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक अशोक रोहाणी, सांसद आशीष दुबे महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भी मुख्यमंत्री के साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने परिवारजनों से भेंट कर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। बताया जाता है कि रात तीन बजे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आज सुबह करीब 6 बजे से पुन: रेस्क्यू शुरू किया गया था।
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह व सांसद आशीष दुबे विधायक नीरज सिंह सुबह से ही घटना स्थल पूरे समय मौजूद रहे। वहीं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा व नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार भी बरगी बांध के हादसे वाली जगह पहुंचे। इस इस घटना की जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने दिए हैं व इस घटना में पीड़ितों के परिजनों को चार-चार लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है।