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केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने माइक पकड़ लिया, पत्रकारों को गाली दी, पत्रकारों ने बेटे के बारे में पूछा था सवाल

By विशाल कुमार | Updated: December 15, 2021 15:34 IST

एक पत्रकार द्वारा उनके बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ नए आरोपों की सिफारिश करने वाली जांच रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री चिल्लाते हुए दिखाई देते हैं और कहते हैं, 'ये बेहूदा सवाल मत पूछो। दिमाग खराब है क्या?'

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ठळक मुद्देआशीष मिश्रा के खिलाफ नए आरोपों की सिफारिश वाली जांच रिपोर्ट के बारे में पूछा गया था।केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा कहते हैं, 'ये बेहूदा सवाल मत पूछो। दिमाग खराब है क्या?'एक रिपोर्टर का माइक छीनते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह कहते हैं, 'माइक बंद करो बे।'

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर जेल में बंद आशीष मिश्रा के पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है जिसमें वह सवाल पूछे जाने पर मीडिया पर हंसते हुए और गाली देते हुए नजर आए।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एक पत्रकार द्वारा उनके बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ नए आरोपों की सिफारिश करने वाली जांच रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री चिल्लाते हुए दिखाई देते हैं और कहते हैं, 'ये बेहूदा सवाल मत पूछो। दिमाग खराब है क्या?'

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री मिश्रा भी एक अन्य रिपोर्टर पर तंज कसते हुए और उनका माइक छीनते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह कहते हैं, 'माइक बंद करो बे।'

वीडियो में मिश्रा अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए पत्रकारों को चोर बुला रहे हैं।

यह वीडियो तब लिया गया जब मिश्रा लखीमपुर खीरी में एक ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे थे और इसके एक दिन बाद ही वह जेल में अपने बेटे आशीष मिश्रा से मिलने गए थे।

बता दें कि, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कल सामने आए एसआईटी रिपोर्ट के बाद मिश्रा पर एक बार फिर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है क्योंकि एसआईटी रिपोर्ट में आशीष मिश्रा द्वारा किसानों पर चार पहिया वाहन चलाने की घटना को सुनियोजित साजिश बताया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों को कथित तौर पर आशीष मिश्रा द्वारा चलाए जा रहे एक एसयूवी द्वारा हत्या करने के इरादे से कुचल दिया गया था और यह लापरवाही से मौत नहीं थी।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग के आरोपों को बदल दिया जाना चाहिए और हत्या के प्रयास का आरोप और जानबूझकर चोट पहुंचाने का आरोप जोड़ा जाना चाहिए। आशीष मिश्रा और अन्य पहले से ही हत्या और साजिश के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

अब तक, भाजपा ने दबाव में आकर मिश्रा को पद से हटाने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है और जोर देकर कहा है कि उनके बेटे ने जो कुछ भी किया उसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।

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