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कश्मीर: हताश आतंकी बना सकते हैं स्वतंत्रता दिवस को निशाना, सुरक्षा बल हैं पूरी तरह से मुस्तैद

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: August 2, 2022 15:35 IST

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ रहे सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए आतंकियों के आका आगामी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

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ठळक मुद्देजम्मू-कश्मीर में आगामी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आतंकी किसी बड़े हमले को अंजाम दे सकते हैंसुरक्षाबलों ने आतंकियों के मंसूबों को नाकमायाब करने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया हैस्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मौलाना आजाद स्टेडियम में विशेष चौकसी बरती जा रही है

जम्मू: खुफिया अधिकारियों ने आगामी स्वतंत्रा दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की आशंका व्यक्त की है। जानकारी के मुताबिक आतंकियों की कमर तोड़ रहे सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए और घाटी में अधिकांश आतंकी कमांडरों के मारे जाने से आतंकी गुटों में जबरदस्त दहशत है।

यही कारण है कि आतंकियों के आका अपने बचे खुचे कैडर को मनोबल को बनाए रखने के लिए स्वतंत्रता दिवस के दौरान श्रीनगर व जम्मू में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

सुरक्षाबलों ने आतंकियों के मंसूबों को समय रहते नाकाम बनाते हुए कानून व्यवस्था का माहौल बनाए रखने के लिए विभिन्न इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने दोनों राजधानी शहरों में अपने माड्यूल सक्रिय कर दिए हैं।

कोरोना काल के बीच इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य आयोजन मौलाना आजाद स्टेडियम में होना हैं, जिसके चलते वहां सुरक्षा को पुख्ता बनाने का काम शुरू हो गया हैं। स्टेडियम के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू कर दी गई हैं।

जम्मू पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर और उसके बाहरी क्षेत्रों को सुरक्षा के लिहाज से विभाजित कर वहां पर्याप्त मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती आरंभ की गई है। विशेष रूप से मुख्य समारोह स्थल और इसके आसपास के क्षेत्रों की जांच चल रही है।

पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से आतंकियों द्वारा घुसपैठ की आशंका के बारे में खुफिया सूचनाएं मिली हैं। जिसके चलते बीएसएफ के साथ मिलकर आतंकियों के नापाक इरादे को विफल बनाने के लिए रणनीति बनाई जा रही हैं।

आतंकियों के मंसूबों को भांपते हुए वादी में अल्पसंख्यकों की बस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा कर उसमें व्यापक सुधार लाने के अलावा विभिन्न धर्मस्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

हाईवे पर आतंकी हमले की संभावना का आकलन करते हुए उसे विभिन्न सेक्टरों में बांटते हुए आवश्यकता अनुसार सुरक्षाबलों की गश्त बढ़ाई गई है। जम्मू रेलवे स्टेशन, बस अड्डों की सुरक्षा कड़ी, नाकों की संख्या बढ़ाई जाने लगी है। जम्मू में भी विभिन्न इलाकों में पुलिस व अर्धसैनिकबलों की गश्त बढ़ाई गई है।

इसके अलावा अधिकारियों को रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ शहर में आने जाने के सभी रास्तों पर भी नाकों की संख्या बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं। आईबी और एलओसी पर भी चौकसी बढ़ाते हुए स्थानीय लोगों को भी किसी संदिग्ध को देखते ही निकटवर्ती सुरक्षा चौकी में सूचित करने के लिए कहा गया है।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकी हमलाआतंकवादीसीमा सुरक्षा बलभारतीय सेना
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