लाइव न्यूज़ :

न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोंसले ने दिया इस्तीफा, 10 माह रहे लोकपाल के सदस्यः कार्मिक मंत्रालय

By भाषा | Updated: January 15, 2020 15:51 IST

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति भोंसले को लोकपाल अध्यक्ष न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने 27 मार्च 2019 को पद की शपथ दिलाई थी। लोकपाल सदस्य को पांच साल के कार्यकाल या फिर उसके 70 साल की उम्र का होने तक के लिए नियुक्त किया जाता है।

Open in App
ठळक मुद्दे63 वर्षीय भोंसले बंबई उच्च न्यायालय और कर्नाटक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके हैं।नियमों के अनुसार, लोकपाल पैनल में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य होने का प्रावधान है।

कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोंसले ने भ्रष्टाचार-रोधी इकाई लोकपाल के सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है।

कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, पद ग्रहण करने के करीब 10 महीने बाद न्यायमूर्ति दिलीप बाबासाहेब भोंसले ने लोकपाल के सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि भोंसले ने कार्यालय के सदस्य (न्यायिक) के पद से इस्तीफा दे दिया है, जो कि 12 जनवरी 2020 से प्रभावी होगा।

नौ जनवरी को उनके इस्तीफे की खबर देने के बाद भोंसले ने एक ट्वीट कर इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा, ‘‘ लोकपाल के न्यायिक सदस्य पद से मैंने निजी कारणों के चलते छह जनवरी को इस्तीफा दे दिया, जो 12 जनवरी 2020 से प्रभावी होगा।’’

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति भोंसले को लोकपाल अध्यक्ष न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष ने 27 मार्च 2019 को पद की शपथ दिलाई थी। लोकपाल सदस्य को पांच साल के कार्यकाल या फिर उसके 70 साल की उम्र का होने तक के लिए नियुक्त किया जाता है।

स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से संबंध रखने वाले 63 वर्षीय भोंसले बंबई उच्च न्यायालय और कर्नाटक उच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के लिए हैदराबाद उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर भी उन्होंने 15 महीने (2015-2016) तक अपनी सेवाएं दीं। नियमों के अनुसार, लोकपाल पैनल में एक अध्यक्ष और अधिकतम आठ सदस्य होने का प्रावधान है। इनमें से चार का न्याय तंत्र से होना जरूरी है।

टॅग्स :मोदी सरकारनरेंद्र मोदीजितेन्द्र सिंह
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वसवाल पूछने के अवसर और तरीके को लेकर गंभीर सवाल

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज