लाइव न्यूज़ :

जम्मू कश्मीर: बुरहान वानी ग्रुप का सफाया, अंतिम सदस्य लतीफ टाइगर समेत दो साथियों को सेना ने किया ढेर

By सुरेश डुग्गर | Updated: May 3, 2019 16:18 IST

बुरहान वानी के आतंकी हिज्ब में शामिल होने के बाद घाटी में वायरल हुई 11 आतंकियों की गु्रप फोटो में भी तलीफ टाइगर पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है। टाइगर 2014 से आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय था।

Open in App

हिज्बुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्याय बुरहान वानी के पूरे समूह का अब सर्वनाश हो गया है क्योंकि बुरहान वानी ग्रुप के अंतिम सदस्य लतीफ टाइगर और उसके दो अन्य साथियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

शोपियां जिले के इमाम साहब क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की सूचना सुरक्षाबलों को विश्वसनीय सूत्रों से मिली। सेना की 34 आरआर, सीआरपीएफ और पुलिस के एसओजी जवानों ने सुबह तड़के ही इमाम साहब के अडखरा गांव में घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। करीब नौ से दस घंटे तक चली इस मुठभेड़ के बाद पुलिस अधिकारी ने डोगरीपोरा पुलवामा के लतीफ अहमद डार उर्फ टाइगर के उसके दो अन्य साथियों के साथ मारे जाने की पुष्टि की।

टाइगर 2014 से आतंकवादी गतिविधियों में था सक्रिय

बुरहान वानी के आतंकी हिज्ब में शामिल होने के बाद घाटी में वायरल हुई 11 आतंकियों की ग्रुप फोटो में भी तलीफ टाइगर पीछे खड़ा दिखाई दे रहा है। टाइगर 2014 से आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय था।  मारे गए दो अन्य आतंकवादियों की पहचान मुलू चित्रगम के तारिक मोलवी और शोपियां के चोतिगम के शारिक अहमद नेग्रो के रूप में हुई। यह तिकड़ी हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी समूह से संबद्ध थी।

इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी गोली लगने से घायल हो गया है। अधिकारी ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान एक घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया जबकि दो अन्य घरों को आंशिक क्षति हुई है। मुठभेड़ समाप्त होते ही आतंकवादियों की हत्या के विरोध में स्थानीय युवाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यही नहीं उन्होंने मुठभेड़ स्थल पर मौजूद सुरक्षाबलों पर पत्थर बरसाना भी शुरू कर दिए। कई बार समझाने के बाद भी जब प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

बुरहान मुजफ्फर वानी को 2016 में किया था ढेर

इस दौरान कई युवा घायल भी हो गए। प्रदर्शन में शामिल बीस वर्षीय युवक मुदासिर अहमद मीर को गंभीर चोट आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं को फिलहाल बंद कर दिया है।

सनद रहे कि हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी को जुलाई 2016 में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार दिया गया था। इसके बाद घाटी में कई महीनों तक अशांति फैल गई थी। पत्थरबाजी व सुरक्षाबलों के खिलाफ स्थानीय लोगों द्वारा छेड़ी गई मुहिम में 100 से अधिक लोग मारे जबकि कई घायल भी गए थे।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरआतंकी हमलाआतंकवादी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत3 हजार करोड़ का सवाल है रे बाबा! कश्मीर में शराबबंदी पर छिड़ी बड़ी बहस

भारत अधिक खबरें

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो