लाइव न्यूज़ :

काली बर्फ और काली बारिश को देख चुका जम्मू कश्मीर अब पीली बर्फ से भयभीत, मौसम विभाग ने पाकिस्तान से आई धूल-आंधी को जिम्मेदार बताया

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: February 11, 2023 15:41 IST

वर्ष 1991 में जम्मू कश्मीर एक बार काली बर्फ और काली बारिश से जूझ चुका है। तब 15 मार्च 1991 को कश्मीर के कई हिस्सों में काली बर्फ गिरी थी। अब जम्मू कश्मीर में एक नई चिंता पीली बर्फ की है।

Open in App
ठळक मुद्देकश्मीर में 9 फरवरी 2023 को गिरी पीली बर्फजम्मू कश्मीर के निवासी भयभीत हैंमौसम विभाग ने इसके लिए सीमा पार से आने वाली वाली धूल और आंधी को जिम्मेदार बताया है

जम्मू: आतंकवाद से धीरे-धीरे मुक्ति पा रहे जम्मू कश्मीर में एक नई चिंता पीली बर्फ की है। यह सच है कि कश्मीर में दो दिन पहले पीली बर्फ ने कश्मीरियों को डरा दिया है। पहले भी जम्मू कश्मीर काली बर्फ और काली बारिश के दौर से गुजर चुका है जिस कारण प्रदेश के निवासियों का भयभीत होना स्वभाविक है।

हालांकि मौसम विभाग ने इसके लिए सीमा पार से आने वाली वाली धूल और आंधी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि जब उत्तरी कश्मीर के कुछ इलाकों में कल रात दो बजे के करीब पीली बर्फ गिरी तो उससे करीब 7 से 8 घंटे पहले पाकिस्तान के सेंट्रल और दक्षिणाी अफगानिस्तान के हिस्सों से चलने वाली धूल भरी हवाएं उत्तरी कश्मीर तक पहुंच गई थी जिसने बर्फ के साथ मिल कर पीली बर्फ का रूप धारण कर लिया था।

हालांकि कश्मीरियों को मौसम विभाग के स्पष्टीकरण पर विश्वास नहीं है। यही कारण है कि वे डरे हुए हैं और भयभीत हैं। दरअसल वर्ष 1991 में जम्मू कश्मीर एक बार काली बर्फ और काली बारिश से जूझ चुका है। तब 15 मार्च 1991 को कश्मीर के कई हिस्सों में काली बर्फ गिरी थी। लोगों ने इसे कश्मीर में फैले आतंकवाद और आतंकियों द्वारा बहाए जा रहे मासूमों के खून से जोड़ते हुए कहा था कि यह खुदा का कहर है।

ऐसा ही कुछ अनुभव जम्मू के लोगों को भी कश्मीर में काली बर्फ के गिरने के करीब 15 दिनों बाद हुआ था जब 2 अप्रैल 1991 को जम्मू के कुछ इलाकों में काली बारिश हुई थी। तब मौसम विभाग इतना सशक्त नहीं हुआ करता था और कई महीनों के बाद जाकर यह जानकारी सामने आई थी कि यह सब खाड़ी युद्ध के कारण हुआ था जहां गोला बारूद के भारी इस्तेमाल ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक वातावरण पर व्यापक प्रभाव डाला था।

इतना जरूर था कि पीलीबर्फ के गिरने के बाद कश्मीरी पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के चेयरमेन गुलाम नबी आजाद का नाम लेते हुए चटखारे ले रहे थे जिन्होंने वर्ष 2021 में एक अखबार को दिए गए अपने साक्षात्कार में कहा था कि वे तभी भाजपा में शामिल होंगें जब कश्मीर में काली बर्फ गिरेगी। एक कश्मीरी भाजपा नेता कहते थे कि आजाद साहिब अब तो पीली बर्फ भी गिर गई, भाजपा में आ जाओ। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरJammuअनंतनागanantnag-pc
Open in App

संबंधित खबरें

भारतजमानत नियम और जेल अपवाद, यूएपीए मामले में भी यही नियम?, सुप्रीम कोर्ट ने हंदवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को दी राहत, पासपोर्ट जमा करने और हर 15 दिन में एक बार थाने जाओ?

ज़रा हटकेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, जम्मू में घोड़ा-तांगे दौड़ाने लगे लोग, वीडियो

भारतसुंबली मावस उत्सव: घाटी में गूंजी पुरानी आवाजें, 37 साल बाद कश्मीरी पंडितों ने अपनी मिट्टी को चूमा

क्राइम अलर्टजम्मू-कश्मीर: अपहरण के मामलों में 50% की कमी, लेकिन शून्य पर पहुंचना अभी बाकी

भारतचौंकाने वाला आंकड़ा: कश्मीर में कुत्तों से आगे निकलीं बिल्लियां, 85,000 से ज़्यादा लोग हुए शिकार

भारत अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज