पटना: बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार के गठन से लेकर नीतियों तक कई मुद्दों पर सवाल उठाते हुए इसे “चुनी हुई नहीं, बल्कि चुनी गई सरकार” करार दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि इलेक्टेड मुख्यमंत्री को हटाकर सिलेक्टेड मुख्यमंत्री बनाया गया है। हालांकि उन्होंने औपचारिक रूप से सम्राट चौधरी को बधाई भी दी, लेकिन साथ ही सरकार से काम करने और नतीजे दिखाने की मांग की। तेजस्वी यादव ने कहा कि अब सरकार को बिजली दर, महिलाओं से जुड़े फैसले और विकास के मुद्दों पर स्पष्टता देनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रभाव में लिए जा रहे हैं और जो हम पहले कहते थे, वही अब हो रहा है। शराबबंदी कानून को लेकर भी उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसा। जब सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य में शराबबंदी कानून जारी रहेगा, तो तेजस्वी ने जवाब दिया कि इसकी कहानी सुनाने की क्या जरूरत है? आप काम करके दिखाइए। आप सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं, अब प्रदर्शन कीजिए। उन्होंने यह भी पूछा कि बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का रोडमैप क्या है?
उन्होंने पूछा कि राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में कब तक लाया जाएगा। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि संविधान में बदलाव करना है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू किया जाना चाहिए और साथ ही ओबीसी वर्ग को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ओबीसी आरक्षण को लेकर उसकी क्या योजना है, क्योंकि इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि इसे रोकना जरूरी था जो महिला बिल पहले पास हुआ है उसे बिल को पास कर दीजिए, उस बिल को लागू कर दीजिए और ओबीसी को आरक्षण दीजिए। हम लोगों ने यही कहा कि ओबीसी को आरक्षण देने के लिए आप क्या कर रहे हैं बताइए? सरकार ने कुछ नहीं बताया।
तेजस्वी ने दावा किया कि इनकी मनसा यही थी कि पांच राज्यों में चुनाव हो इसी दौरान यह बिल लाया जाए और जल्दी से संविधान संशोधन पास कर लिया जाए और कल के संविधान को बदल दिया जाए। राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार वित्तीय संकट से जूझ रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस संकट से उबरने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार आज भी पिछड़े राज्यों में गिना जाता है, इसे शीर्ष पांच विकसित राज्यों में कब और कैसे लाया जाएगा, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।