लाइव न्यूज़ :

बिहार: भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग उठाया सवाल, कहा- अंधेर नगरी चौपट राजा

By एस पी सिन्हा | Updated: November 30, 2022 16:48 IST

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कि अब राज्य निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आयोग साफ तरीके से काम न करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दफ्तर का कर्मचारी बनकर काम कर रहा है।

Open in App
ठळक मुद्देबिहार भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने पटना के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र बांटने, गया में गंगा जल आपूर्ति योजना का शुभारंभ किए जाने पर सवाल उठाया है।उन्होंने पूछा कि क्‍या यह आचार संहिता के दायरे में आता है, यदि हां तो फिर क्‍या कार्रवाई की गई?उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सभी विभागों के सचिव खुलेआम राजधानी में पुरानी नौकरियों को नया बताकर नियुक्ति पत्र बांटते हैं।

पटना: बिहार में जदयू और भाजपा के अलग होने के बाद अब पहली बार कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में आमने-सामने है। इस सीट पर पांच दिसंबर को उपचुनाव होने वाला है और यह उपचुनाव, मौजूदा विधायक अनिल कुमार सहनी की अयोग्यता के कारण हो रहा है। वहीं, इस चुनाव से पहले बिहार भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने चुनाव आयोग पर ही सवाल उठाया है। 

उन्होंने कहा कि अब राज्य निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आयोग साफ तरीके से काम न करके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दफ्तर का कर्मचारी बनकर काम कर रहा है। उन्‍होंने पटना के गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र बांटने, गया में गंगा जल आपूर्ति योजना का शुभारंभ किए जाने पर सवाल उठाया है। पूछा है कि क्‍या यह आचार संहिता के दायरे में आता है, यदि हां तो फिर क्‍या कार्रवाई की गई? 

और यदि नहीं तो फिर राज्‍य के सांसद-विधायकों को डीएम इसका हवाला क्‍यों देते हैं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, सभी विभागों के सचिव खुलेआम राजधानी में पुरानी नौकरियों को नया बताकर नियुक्ति पत्र बांटते हैं। लेकिन, निर्वाचन आयोग इन पर आदर्श आचार सहिंता लागू नहीं करता है। उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि गया में नल जल योजना का सार्वजनिक उद्घाटन एवं सभा करते हैं। 

इसका संज्ञान लेने की सुध निर्वाचन आयोग को नहीं है। डॉ जायसवाल ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। उन्‍होंने वीडियो भी शेयर किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी सांसद या विधायक को नगर में छह महीने पुरानी सड़कों का भी उद्घाटन करना होता है तो डीएम हमें नियम समझाने लगते हैं। कहते हैं कि आदर्श आचार संहिता लागू है। 

यही नहीं 18 वर्ष के कम उम्र के बच्‍चों के कार्यक्रम करने में भी आदर्श आचार संहिता की दुहाई देकर रोक दिया जाता है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के द्वारा नगर में किया जाने वाला काम क्‍या यह नगर में लगे आदर्श आचार संहिता के तहत नहीं आता? अगर आता है तो मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पर आयोग ने प्राथमिकी दर्ज क्‍यों नहीं की गई? यदि यह उस दायरे में नहीं आता तो सांसद-विधायकों को क्‍यों इसका पाठ पढ़ाया जाता है? अंत में उन्‍होंने अंधेर नगरी, चौपट राजा वाली लोकोक्ति लिखी है।

टॅग्स :बिहारBJPनीतीश कुमारचुनाव आयोग
Open in App

संबंधित खबरें

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

क्राइम अलर्टडंडा और रॉड से हमला कर पत्नी फूल कुमारी दास, 3 बच्चे ह्रदय दास, संध्या दास और सोन दास को मार डाला, चंदनपट्टी गांव से दिल दहला देने वाली घटना

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारत अधिक खबरें

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल

भारतनो वेटिंग, नो टेंशन! प्रमुख रूटों पर शुरू हुईं समर स्पेशल ट्रेनें, आज ही कराएं बुकिंग, चेक लिस्ट