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चंद्रबाबू नायडू की जमानत याचिका को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने किया खारिज 

By आकाश चौरसिया | Updated: October 9, 2023 12:18 IST

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने मरावती इनर रिंग रोड घोटाला मामले में चंद्रबाबू नायडू की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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ठळक मुद्देअमरावती इनर रिंग रोड घोटाला मामले में HC ने पूर्व आंध्र प्रदेश सीएम की जमानत याचिका खारिज कीवहीं आज सुप्रीम कोर्ट में कौशल विकास घोटाला मामले में सुनवाई होनी हैयह मामला रुपयों के ट्रांसफर से जुड़ा हुआ है

अमरावती: पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका आंगालु 307 केस, फाइबर नेट और अमरावती इनर रिंग रोड घोटाला मामले में है। इस बारे में अदालत में पेश उनके वकील कृष्णा मुर्थी ने बताया है।

हाई कोर्ट का यह आदेश तब आया था, जब विजयवाड़ा में स्थित एसीबी कोर्ट ने पूर्व सीएम नायडू को 19 अक्टूबर तक रिमांड में रखने के लिए आदेश दिया था। यह आंध्र प्रदेश कौशल विकास स्कैम केस में यह फैसला दिया। बुधवार को आंध्र प्रदेश सीआईडी ने इस मामले में कोर्ट के समक्ष याचिका सुनवाई के लिए रखी थी, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई करने के लिए तारीख बीते गुरूवार को मुर्करर की थी। फिर कोर्ट ने गुरूवार को सुनवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नायडू की रिमांड बढ़ाने का फैसला दिया था।  

आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को आज आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी सोमवार सुबह हुई है। सीआईडी ने उन्हें हिरासत में लेकर मेडिकल टेस्ट के लिए एयरलिफ्ट कर नंघाल अस्पताल ले जाने के बारे में उन्हें बताया था, लेकिन उन्होंने वहां जाने से इनकार कर दिया। फिर, आनन-फानन में उनकी कैंप में ही मेडिकल जांच करवाई गयी। सीआईडी के मुताबिक, अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।  

वहीं, आज कौशल विकास घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट चंद्रबाबू नायडू की याचिका पर सुनवाई करेगा। चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल के दौरान कौशल विकास मामले में एफआईआर रद्द की गई थी, जिसका मामला काफी समय से चल रहा है। इस मामले में उनके वकील प्रमोद दुब ने कहा था कि चंद्रबाबू नायडू ने इस प्रोजेक्ट पर कभी अपने दस्तखत नहीं किए थे। 

पूर्व आंध्र प्रदेश सीएम नायडू के वकील के मुताबिक, उन्होंने कभी भी 270 करोड़ रुपये आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) को नहीं दिए और न ही उस पर उन्होंने कोई हस्ताक्षर किए। वकील प्रमोद दुबे ने बताया कि उनके नीति-निर्माण करने में बहुत सीमित अधिकार थे।  

टीडीपी समर्थक इंतजार कर रहे हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में नायडू की राहत मिलने की उम्मीद जताई जाई है, जहां सोमवार को कौशल विकास मामले में उनके खिलाफ एफआईआर रद्द करने की मांग वाली विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई होनी है। दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एसीबी की विशेष अदालत में एक ही मामले में नायडू की जमानत याचिका और सीआईडी की हिरासत याचिकाओं पर अपना फैसला सुना सकती है।

टॅग्स :आंध्र प्रदेशJagan Mohan Reddyवाईएसआर कांग्रेस पार्टी
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