स्थापना के बाद पहली बार केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) अपनी आधी क्षमता पर काम करने को मजबूर होने जा रहा है. मुख्य सूचना आयुक्त सहित ग्यारह सदस्यीय सूचना आयोग में शुक्रवार को डी.पी. सिन्हा के सेवानिवृत्त होेने के बाद केवल पांच अधिकारी बचेंगे.
बिमल जुल्का की सेवानिवृत्ति के बाद से ही मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली पड़ा है. वरिष्ठतम सदस्य डी.पी. सिन्हा को यह पद नहीं मिला. सूत्रों के मुताबिक विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी यशवर्धन कुमार सिन्हा को मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया जा सकता है. वरिष्ठतम अधिकारी सिन्हा के पिता स्व. ले. जनरल एस.के. सिन्हा जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रह चुके हैं.
आईएएस अधिकारी नीरज गुप्ता को भी सरकार से नजदीकियों की वजह से पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उल्लेखनीय तौर पर सीआईसी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि वरिष्ठतम सदस्य को ही मुख्य सूचना आयुक्त बनाया जाएगा.
लगातार बढ़ते मामलों के बीच रिक्त होते पदों के कारण आयोग की कार्यक्षमता पर असर पड़ा है. यहां तक कि मंत्रालय और विभाग अब कोई न कोई बहाना बनाकर धड़ल्ले से आरटीआई के जवाबों को टाल रहे हैं.
प्रक्रिया शुरू हो गई सरकार ने पिछले दिनों संसद को भरोसा दिलाया था कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया नये मुख्य सूचना अधिकारी और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के साथ शुरू हो चुकी है. सरकार जल्द ही इस मामले में एक विज्ञापन भी जारी करने वाली है.