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CAA Protest: इंटरनेट बंद होने से कारोबार हुआ ठप, ऑनलाइन फूड डिलीवरी में आई 60 फीसदी गिरावट

By स्वाति सिंह | Updated: December 21, 2019 12:40 IST

गाजियाबाद में गुरुवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गयी है। सिर्फ 24 घंटे के इंटरनेट बंद के चलते जोमैटो, स्विगी जैसे ऐप की बिक्री में 60 फीसदी की गिरावट आई है।

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ठळक मुद्देगुरुवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गयी हैहंगामे के चलते ऑनलाइन कारोबार काफी नीचे चला गया।

उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में नए नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर गाजियाबाद में गुरुवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गयी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांप्रदायिक शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले संदेशों से बचने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

अधिकारी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडे ने मोबाइल फोन सेवा प्रदाताओं को शुक्रवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं स्थगित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट ने जिले में हिंसा और आगजनी की किसी भी आशंका को टालने के लिए यह कार्रवाई की है। इसके चलते आमजन को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हंगामे के चलते ऑनलाइन कारोबार काफी नीचे चला गया। इसके साथ ही इन 24 घंटों में ऑनलाइन फूड डिलीवरी और कैब सर्विसेस का काफी नुकसान हुआ।  

बताया जा रहा है कि सिर्फ 24 घंटे के इंटरनेट बंद के चलते जोमैटो, स्विगी जैसे ऐप की बिक्री में 60 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, ऑनलाइन पेमेंट नहीं होने के चलते बड़ी संख्या में ग्राहकों को खली हाथ घर लौटना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जोमैटो के अधिकारियों ने बताया कि गाजियाबाद में एक दिन में लगभग 7 हजार डिलिवरी की जाती हैं।लेकिन इंटरनेट बंद के चलते सिर्फ इंदिरापुरम में ही कुछ डिलिवरी हो सकीं, जो रोजाना का मात्र 5 फीसदी है।

सिर्फ यही नहीं, इंटरनेट बंद होने का असर ट्रांसपॉर्ट पर भी दिखा। इंटरनेट ठप के चलते ई-वे बिल जनरेट नहीं हो सका और गाड़ियों को लोड नहीं किया जा सका। गाजियाबाद गुड्स ट्रांसपॉर्ट वेलफेयर असोसिएशन के उपाध्श्क्ष आशीष मैत्रे नवभारत टाइम्स को बताया कि ट्रक लोड होने पर ई-वे बिल जनरेट करना होता है लेकिन इंटरनेट बंद होने से यहनहीं हो पाया है। जिसके चलते 2000 से अधिक ट्रक इंतजार में खड़े हैं। बैंक इंटरनल सर्वर से जुड़े होते हैं। ऐसे उनमें दिक्कत नहीं हुई।

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