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28वां विश्व पुस्तक मेला: 15 देश लेंगे भाग, लेखक के रूप में महात्मा गांधी की रचनाएं होंगी केंद्र में

By भाषा | Updated: January 2, 2020 20:16 IST

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा आईटीपीओ के सहयोग से आयोजित नौ दिवसीय सालाना पुस्तक मेले का इस साल 28वां संस्करण है जिसका उद्घाटन चार जनवरी को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक यहां प्रगति मैदान में करेंगे।

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ठळक मुद्देबयान में कहा कि गांधीजी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पवेलियन की थीम साबरमती आश्रम से प्रभावित होगी।महात्मा गांधी द्वारा लिखी गयीं और उन पर लिखी गयीं विभिन्न भाषाओं की 500 पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन यहां किया जाएगा।

नई दिल्लीविश्व पुस्तक मेला इस बार मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होगा कि महात्मा गांधी ने अपने लेखन से अनेक पीढ़ियों के लेखकों को किस तरह प्रभावित किया।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा आईटीपीओ के सहयोग से आयोजित नौ दिवसीय सालाना पुस्तक मेले का इस साल 28वां संस्करण है जिसका उद्घाटन चार जनवरी को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक यहां प्रगति मैदान में करेंगे।

आयोजकों ने एक बयान में कहा कि गांधीजी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में पवेलियन की थीम साबरमती आश्रम से प्रभावित होगी जिसमें हाथ से बनी सामग्री का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा लिखी गयीं और उन पर लिखी गयीं विभिन्न भाषाओं की 500 पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन यहां किया जाएगा।

इस दौरान 30 परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन और प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। बयान में कहा गया, ‘‘महात्मा गांधी सफल लेखक, संपादक, प्रकाशक, मुद्रक और संस्था निर्माता थे। उन्होंने गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में बहुत लेखन किया है। उनके लेखन में न केवल उनका अहिंसा और शांति का दर्शन झलकता था बल्कि देश का सामाजिक-आर्थिक तथा राजनीतिक परिदृश्य भी परिलक्षित होता था।’’

पुस्तक मेले में कई जानेमाने लेखक हिस्सा लेंगे जिनमें सुधा मूर्ति, भावना सोमैया, अनिर्बान गांगुली, केविन मिसल और सुमित दत्त मजूमदार शामिल हैं। भारत और दुनिया के अनेक देशों के 600 से अधिक प्रकाशक 1300 से अधिक स्टॉलों पर पुस्तकें प्रदर्शित करेंगे।

इस बार पुस्तक मेले में भाग लेने वाले देशों की संख्या 20 से घटकर 15 हो गयी है। इनमें अबू धाबी, चीन, शारजाह, डेनमार्क, मिस्र, जर्मनी, ईरान, नेपाल, पोलैंड, सऊदी अरब, स्पेन, श्री लंका, ब्रिटेन तथा अमेरिका हैं। हालांकि इस बार कोई देश अतिथि देश नहीं होगा।

एनबीटी के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा ने कहा कि प्रगति मैदान में चल रहे निर्माण कार्यों और वहां जगह की कमी की वजह से हमने इस बार किसी अतिथि देश को आमंत्रित नहीं किया है। आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक राजेश अग्रवाल ने कहा कि पुस्तक मेले के लिए इस बार भी पिछले साल की तरह 24 हजार वर्ग मीटर के आसपास जगह उपलब्ध कराई गयी है।

चार जनवरी से शुरू होकर यह पुस्तक मेला 12 जनवरी तक चलेगा। इसमें स्कूल यूनीफॉर्म पहने हुए छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजन के लिए प्रवेश निशुल्क होगा। बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क 20 रुपये और वयस्कों के लिए 30 रुपये रहेगा। 

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