लाइव न्यूज़ :

क्या हेपेटाइटिस सी लीवर कैंसर का कारण बन सकता है?

By उस्मान | Updated: July 12, 2018 11:33 IST

भारत में लगभग 52 लाख लोग वायरल हैपेटाइटिस से प्रभावित हैं। इस संख्या में 6 से 12 मिलियन लोग केवल हेपेटाइटिस सी से पीड़ित हैं।

Open in App

हेपेटाइटिस सी लिवर से जुड़ी एक बीमारी है जो हेपेटाइटिस सी नामक विषाणु से संक्रमित होने पर पैदा होती है। यह संक्रमण आपके लिवर को क्षतिग्रस्त कर सकता है। हालांकि शुरूआती संक्रमण के बाद इसके लक्षणों को पहचानना बेहद कठिन है। भारत में लगभग 52 लाख लोग वायरल हैपेटाइटिस से प्रभावित हैं। इस संख्या में 6 से 12 मिलियन लोग केवल हेपेटाइटिस सी से पीड़ित हैं। यह लीवर से जुड़ी बीमारी है जिसका सही समय पर इलाज नहीं कराने से लीवर कैंसर का खतरा होता है। अध्ययनों के अनुसार, एचसीवी वाले हर 100 लोगों में से 5 पीड़ित लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर से मर जाते हैं। कैंसर स्पेशलिस्ट आरके चौधरी आपको बता रहे हैं कि क्या हेपेटाइटिस सी कैंसर का कारण बन सकता है।

आखिर नसबंदी से क्यों बचते हैं पुरुष? 

क्या हेपेटाइटिस सी लीवर कैंसर का कारण बन सकता है?

हेपेटाइटिस सी वायरस के कारण होने वाली लीवर की बीमारी है। यह एक्यूट और क्रोनिक हेपेटाइटिस को जन्म दे सकती है। इससे आप कुछ हफ्तों या आजीवन पीड़ित रह सकते हैं। यह वायरस ब्लड में होता है और बाद में इन्फेक्शन का कारण बनता है। 

सोरायसिस से जुड़ी ये 5 बातें जाननी हैं जरूरी, इलाज में मिलेगी मदद

लीवर सिरोसिस को विकसित होने में 20 या और ज्यादा समय लग सकता है इस दौरान लीवर की हेल्थी सेल्स स्कार टिश्यू के साथ बदल सकती हैं। इन स्कार के विकसित होने के दौरान लाइव नई सेल्स को बनाने की कोशिश करता है। हालांकि, नई सेल्स को बनाने की इस प्रक्रिया में लीवर कैंसर की संभावना बढ़ सकती है क्योंकि सेल्स की संख्या अधिक हो जाती है, इससे म्यूटेशन की संभावना बढ़ जाती है। कैंसर ट्यूमर के पीछे यही कारण है। यह इस बीमारी का एक और कमजोर पक्ष है। वो यह है कि जिन लोगों में क्रोनिक एचसीवी इन्फेक्शन विकसित होता है, ऐसी स्थिति में इन्फेक्शन के बाद भी कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं। हालांकि बाद में ही इसके लक्षण नजर आते हैं, तब तक स्थिति ख़राब हो चुकी होती है और लीवर कैंसर का खतरा होता है। एचसीवी का समय 2 हफ्ते से 6 महीने तक का होता है। जब लक्षण नजर आने लगते हैं, तो व्यक्ति को बुखार, थकान, भूख, मतली, उल्टी, पेट दर्द, गहरा मूत्र, ग्रे रंग का मल, जोड़ों में दर्द, और पीलिया आदि कि समस्या होने लगती है।   

सिर्फ 6 हफ्ते प्याज के छिलके खाने से इन 5 बीमारियों का हो जाएगा नाश

एक बार जब क्रोनिक हेपेटाइटिस सी इन्फेक्शन के निदान की पुष्टि हो जाती है, तो व्यक्ति को लीवर डैमेज (फाइब्रोसिस और सिरोसिस) की स्थिति का भी मूल्यांकन करना चाहिए। हेपेटाइटिस सी तनाव के जीनोटाइप को पहचानने के लिए एक लैब टेस्ट भी किया जा सकता है। इस रोग का उपचार और बचाव लीवर डैमेज और वायरस जीनोटाइप की डिग्री पर आधारित है।

(फोटो- पिक्साबे) 

टॅग्स :कैंसरहेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट ये 8 चीजें खाना पड़ सकता है भारी

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यकिडनी या पेशाब की नली में फंसी पथरी? ये 8 देसी उपाय दिला सकते हैं राहत

स्वास्थ्यनीम से गिलोय तक, सेहत के लिए फायदेमंद हैं ये 6 चीजें

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट खजूर खाने के फायदे जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्य‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

स्वास्थ्यWHO ने इबोला के प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, जानें लक्षण और सुरक्षित रहने के लिए इन चीजों का रखें ध्यान

स्वास्थ्यस्टेरॉयड से वजन बढ़ना और जिम सप्लीमेंट्स के पीछे भाग रहे युवा?, विशेषज्ञ बोले-हृदय और उच्च रक्तचाप का खतरा?

स्वास्थ्यवेबसाइटों को क्यों चाहिए आप मानव हैं?, कैप्चा वास्तव में कैसे काम करता है?

स्वास्थ्यसामान्य दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में बालों का झड़ना