‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

By निशांत | Updated: May 19, 2026 05:18 IST2026-05-19T05:18:42+5:302026-05-19T05:18:42+5:30

वैज्ञानिकों के मुताबिक उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के करीब 16 प्रतिशत कीड़ों में यह प्राकृतिक रूप से मौजूद रहता है.

Can millions mosquitoes created save humans Now save dengue and malaria asked Colombian city Medellin blog Nishant Saxena | ‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

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Highlightsदो मंजिला बायोफैक्ट्री को वर्ल्ड माॅस्किटो प्रोग्राम चलाता है, जिसे बिल एंड मेलिंडा गेट्‌स फाउंडेशन का समर्थन मिला हुआ है.दुनिया की सबसे बड़ी मच्छर प्रजनन सुविधा मानी जाती है. लेकिन ये कोई आम मच्छर नहीं हैं. मच्छरों के अंदर एक खास बैक्टीरिया डाला जाता है, जिसका नाम है वोल्बाकिया.

दुनिया का शायद सबसे अजीब सवाल इस वक्त कोलंबिया के शहर मेडेलीन में पूछा जा रहा है कि ‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’ सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन यह सच है. दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में एक ऐसी ‘मच्छर फैक्ट्री’ चल रही है, जहां हर हफ्ते 3 से 4 करोड़ मच्छर पैदा किए जाते हैं. और हैरानी की बात ये है कि लोग उनसे डर नहीं रहे, उनका इंतजार कर रहे हैं. इस दो मंजिला बायोफैक्ट्री को वर्ल्ड माॅस्किटो प्रोग्राम चलाता है, जिसे बिल एंड मेलिंडा गेट्‌स फाउंडेशन का समर्थन मिला हुआ है.

यह दुनिया की सबसे बड़ी मच्छर प्रजनन सुविधा मानी जाती है. लेकिन ये कोई आम मच्छर नहीं हैं. इन मच्छरों के अंदर एक खास बैक्टीरिया डाला जाता है, जिसका नाम है वोल्बाकिया. यह कोई लैब में बना केमिकल नहीं, बल्कि प्रकृति में पहले से मौजूद एक बैक्टीरिया है, जो कई कीड़ों में पाया जाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के करीब 16 प्रतिशत कीड़ों में यह प्राकृतिक रूप से मौजूद रहता है.

इंसानों या दूसरे स्तनधारी जीवों के लिए इससे कोई खतरा नहीं माना गया है. तो फिर खेल क्या है? असल में डेंगू, जीका, चिकनगुनिया और येलो फीवर जैसे वायरस मच्छरों के जरिये फैलते हैं. वोल्बाकिया इसी चेन को तोड़ देता है. जब यह बैक्टीरिया मच्छर के शरीर में होता है, तब वायरस उसके अंदर ठीक से विकसित नहीं हो पाते.

मतलब मच्छर इंसान को काट भी ले, तब भी वायरस फैलने की क्षमता काफी घट जाती है. फैक्ट्री में इन मच्छरों को बड़े पैमाने पर पाला जाता है. अंडों से लेकर लार्वा तक की देखभाल होती है. फिर इन्हें शहरों में छोड़ा जाता है. कभी ड्रोन से. कभी मोटरसाइकिल से. कभी लोगों को छोटे एग कैप्सूल्स देकर.

इसके बाद ये लैब वाले मच्छर जंगली मच्छरों के साथ प्रजनन करते हैं और वोल्बाकिया अगली पीढ़ियों में फैलता जाता है. एक बार अगर स्थानीय मच्छरों में इसकी मौजूदगी 60 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाए, तो सिस्टम खुद टिकने लगता है. बार-बार स्प्रे या केमिकल डालने की जरूरत कम हो जाती है. यही वजह है कि वैज्ञानिक इसे पब्लिक हेल्थ की दुनिया में गेम चेंजर मान रहे हैं.

Web Title: Can millions mosquitoes created save humans Now save dengue and malaria asked Colombian city Medellin blog Nishant Saxena

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