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घातक जीका वायरस की भारत में एंट्री, जानें इसके लक्षण और फैलने के तरीके और बचाव के उपाय

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 25, 2024 13:06 IST

जीका वायरस - जिसे जीका बुखार भी कहा जाता है, एक बीमारी है जो आपको एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छरों से हो सकती है। ये मच्छर दुनिया के कई हिस्सों में पाए जाते हैं।

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ठळक मुद्देपुणे से घातक घातक जीका वायरस के दो मामले सामने आए हैंयह खतरनाक बीमारी मच्छरों से फैलती हैजीका से पीड़ित केवल 5 में से 1 व्यक्ति में ही लक्षण होते हैं

नई दिल्ली: पुणे से घातक घातक जीका वायरस के दो मामले सामने आए हैं। यह खतरनाक बीमारी मच्छरों से फैलती है। 46 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी किशोर बेटी में वायरस के लक्षण दिखे हैं, जिसमें हल्का बुखार भी शामिल है। पुणे नगर निगम के अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि उस व्यक्ति के पूरे शरीर पर गंभीर दाने हैं और वर्तमान में शहर के एक अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है। उनके रक्त के नमूने पिछले सप्ताह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को भेजे गए थे, जिसमें पुष्टि हुई कि उन्हें जीका वायरस का संक्रमण है। ये जानना जरूरी है कि आखिर खतरनाक जीका वायरस क्या है जिसके एक या दो मामले सामने आने से ही हड़कंप मच जाता है। 

जीका संक्रमण क्यों है इतना खतरनाक

जीका वायरस - जिसे जीका बुखार भी कहा जाता है, एक बीमारी है जो आपको एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस मच्छरों से हो सकती है। ये मच्छर दुनिया के कई हिस्सों में पाए जाते हैं। अमेरिका, कैरेबियन और अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में इनका प्रकोप ज्यादा है। यह एक प्रकार का फ्लेविवायरस - एक आरएनए वायरस जो आमतौर पर मच्छरों से फैलता है। डेंगू और वेस्ट नाइल बुखार का कारण बनने वाले वायरस भी फ्लेविवायरस के ही प्रकार हैं। 

मच्छरों के अलावा यदि आप गर्भवती हैं और संक्रमण है, तो यह नाल के माध्यम से भ्रूण तक पहुंच सकता है। इससे संक्रमित बच्चे माइक्रोसेफली जैसी जन्मजात स्थितियों के साथ पैदा होते हैं। जीका वायरस संक्रमण के बाद हफ्तों से महीनों तक यह शरीर में मौजूद रहता है। यौन संबंध के कारण भी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में पहुंच सकता है। जीका रक्त संक्रमण के माध्यम से भी फैल सकता है। 

संकेत और लक्षण 

जीका से पीड़ित केवल 5 में से 1 व्यक्ति में ही लक्षण होते हैं। पीड़ित को हल्का बुखार, सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, आंखों के सफेद हिस्से में लालिमा,  त्वचा के उभरे हुए लाल दाने इसके लक्षण हैं। 

जीका वायरस से बचाव के उपाय 

जीका संक्रमण होने या फैलने के जोखिम को कम करने के लिए मच्छरों से बचाव करें। सुनिश्चित करें कि आपकी त्वचा खुली न रहे।  मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट्स का इस्तेमाल करें। घर के अंदर ऐसे कमरे में सोएं जहां खिड़कियों में जाली लगी हो या मच्छरदानी के नीचे सोएं। क्रमण से पीड़ित किसी व्यक्ति के संपर्क में हैं तो यौन संबंध से दूर रहें। जीका के जोखिम वाले क्षेत्र की यात्रा की है, तो  लौटने के बाद तीन महीने तक मौखिक, गुदा और योनि सेक्स से दूर रहें, भले ही आपमें कोई लक्षण न हों। यदि आप गर्भवती हैं तो जीका वाले क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जीका के लक्षणों पर नज़र रखें।

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