लाइव न्यूज़ :

Coronavirus Treatment: वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के लिए छह संभावित चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान की

By भाषा | Updated: June 26, 2020 16:30 IST

इस अध्ययन के जरिये वैज्ञानिकों को कोरोना के इलाज में काफी सहायता मिल सकती है

Open in App
ठळक मुद्देकोविड-19 के मरीजों के खून में छह शीर्ष अणु पाए जो मरीजों को उन लोगों से अलग करते हैं जिनको यह बीमारी नहीं हैकुछ कोविड-19 मरीजों का रोग प्रतिरक्षा तंत्र वायरस के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है वैज्ञानिकों ने 30 मरीजों का आकलन किया जिसमें 10 कोविड-19 मरीज शामिल थे

गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 मरीजों में कोरोना वायरस के प्रति रोग प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का आकलन कर, वैज्ञानिकों ने छह अणुओं के अनोखे पैटर्न की पहचान है जिसका इस्तेमाल बीमारी के लिए चिकित्सीय लक्ष्यों (जीव में मौजूद ऐसी जगह जहां दवा या पदार्थ सीधे पहुंचाया जा सके) के रूप में किया जा सकता है। 

ब्रिटेन के लॉसन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के अनुसंधानकर्ताओं ने लंदन हेल्थ साइंसेज सेंटर (एलएचएससी) में भर्ती गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 मरीजों के रक्त नमूनों का आकलन किया। आकलन के आधार पर वैज्ञानिकों ने आईसीयू में भर्ती कोविड-19 के मरीजों के खून में छह शीर्ष अणु पाए जो मरीजों को उन लोगों से अलग करते हैं जिनको यह बीमारी नहीं है। 

कई मरीजों का रोग प्रतिरक्षा तंत्र वायरस के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है

वैज्ञानिकों के मुताबिक, कुछ कोविड-19 मरीजों का रोग प्रतिरक्षा तंत्र वायरस के खिलाफ अत्यधिक प्रतिक्रिया देता है और ‘साइटोकिन तूफान’ (एक गंभीर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जिसमें शरीर बहुत जल्दी खून में बहुत अधिक मात्रा में साइटोकिन छोड़ता है) उत्पन्न होता है जिसमें शरीर के प्राकृतिक सूजन संबंधी अणु का बढ़ा हुआ स्तर स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है।

अध्ययन के सह लेखक लॉसन और वेस्टर्न शूलिक स्कूल ऑफ मेडिसिन एंड डेंटिस्ट्री के डोगलस फ्रेजर ने कहा, “चिकित्सक इस अत्यधिक सूजन को कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इस साक्ष्य के बिना, कि किसे लक्षित करना है।” 

वैज्ञानिकों ने 30 मरीजों का आकलन किया

फ्रेजर ने कहा, “हमारा अध्ययन पहली बार संभावित चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान कर, अनुमान लगाने का काम बंद करता है।” इस अनुसंधान में वैज्ञानिकों ने 30 मरीजों का आकलन किया जिसमें 10 कोविड-19 मरीज, 10 अन्य संक्रमण के मरीज और 10 स्वस्थ प्रतिभागी शामिल थे।

रक्त के नमूनों की जांच में उन्होंने पाया कि आईसीयू में भर्ती कोविड-19 के मरीजों में छह उत्तेजक अणु ऐसे थे जिनका स्तर विशेष ढंग से बढ़ा हुआ था। यह अध्ययन ‘क्रिटिकल केयर एक्सप्लोरेशन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।  

कोरोना से करीब 5 लाख लोगों के मौत

कोरोना वायरस से दुनियाभर में अब तक 9,738,374 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 492,390 लोगों की मौत हो गई है। संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है। यहां 491,992 लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं और 15,319 लोगों की मौत हो चुकी है।

टॅग्स :कोरोना वायरसकोविड-19 इंडियाहेल्थ टिप्समेडिकल ट्रीटमेंट
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यसन फार्मा ने लॉन्च किया ‘हार्ट के लिए 8- मेकिंग इंडिया हार्ट स्ट्रॉन्ग’ कैंपेन, दिल के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए भारतीयों से रोजाना में अच्छी आदतें अपनाने का आग्रह

स्वास्थ्यरात में सिर्फ़ 11 मिनट ज़्यादा सोने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम

स्वास्थ्यरूमेटॉइड आर्थराइटिस विशेषज्ञ डॉ. मुकेश शारदा को Guinness World Records से अंतरराष्ट्रीय सम्मान

स्वास्थ्यक्या हीटवेव के दौरान आपकी किडनी को खतरा है? पीक गर्मी आने से पहले जानने हैल्थ टिप्स की ज़रूरी बातें

स्वास्थ्यकौन हैं डॉ. आरती किनिकर?, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में खास उपलब्धि के लिए लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यपुष्पा… नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फायर है मैं…”

स्वास्थ्यऑटिज्म : समझ और स्वीकार्यता की जरूरत

स्वास्थ्यफोर्टिफाइड चावल : पोषण या स्वास्थ्य पर संकट ?

स्वास्थ्यचीनी का सेवन कम कीजिए और खाना बनाते समय तेल का प्रयोग 10 प्रतिशत तक घटाएं?, प्रधानमंत्री मोदी बोले-छोटे प्रयास करिए और मोटापे को दूर भगाएं?

स्वास्थ्यसाल 2024 में 34539 लोगों की मौत हार्ट अटैक?, दिल्ली पुलिस और iLive Connect में करार, हृदय बीमारी पर वार