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Conjunctivitis: क्या कंजक्टिवाइटिस आई फ्लू आपकी वीक आईज का है परिणाम? यहां जानें आंखों को स्वस्थ्य रखने के लिए योग

By अंजली चौहान | Updated: July 29, 2023 20:35 IST

वर्तमान समय में आंखों को स्वस्थ्य रखने के लिए ये जरूरी है कि मानसिक तनाव, चिंताएं होने के कारण हमारी आंखों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

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ठळक मुद्देआई फ्लू का कारण हमारी कमजोर आंखें हैंव्यायाम के जरिए आंखों को स्वास्थ्य रखा जा सकता हैरोजाना ठंडे पानी से 10 बार जरूर आंखों को धोएं

Conjunctivitis: मानसून के इस मौसम में दिल्ली, मुंबई जैसे क बड़े शहरों में आंखों से जुटी एक मौसमी बीमारी तेजी से बढ़ रही है। कंजक्टिवाइटिस या पिंक फ्लू के नाम से जानी जाने वाली ये आंखों की बीमारी इन दिनों हर किसी को अपनी चपेट में ले रही है।

डॉक्टरों का कहना है कि मानसून में नमी और आर्द्रता होने के कारण संक्रमण को बढ़ने का मौका मिल रहा और बच्चे-बड़े सभी इसका शिकार हो रहे हैं।

अधिकांश शहरों में फैल रहा कंजंक्टिवाइटिस हमारी आंखों के खराब स्वास्थ्य के साथ-साथ लोगों की सामान्य रूप से कमजोर प्रतिरक्षा का एक परिणाम है।

वर्तमान समय में हमारी नाजुक आंखों पर बहुत सी जिम्मेदारियां है जैसे लोग ज्यादातर अपना समय फोन और कम्प्यूटर पर बिताते हैं जिससे आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा हम इतने के बाद भी अपनी आंखों का ख्याल नहीं रखते। 

ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं कि आप अपनी आंखों को कंजक्टिवाइटिस से कैसे बचा सकते हैं और अपनी आंखों को स्वस्थ्य रख सकते हैं।

1- रोजाना सुबह उठते ही अपने दांतों को साफ करने के साथ ही साफ हथेलियों में ठंडा पानी लेकर आंखों पर कम से कम 10 बार छींटे मारें। 

2- आंखों को नम रखने और ड्राई होने से बचाने के लिए पलकों को झपकाना जरूरी है। आप इसका अभ्यास दिन में कई बार करें। 

3- हर सुबह, और अगर संभव हो तो शाम को, आंखों के आसपास की नसों और मांसपेशियों का व्यायाम करने के लिए आई बॉल मूवमेंट का अभ्यास करें।

4- एक कुर्सी पर आराम से बैठें, या अपनी पीठ सीधी करके क्रॉस-लेग करें और सचेत रूप से अपने पूरे शरीर को आराम दें। ये जरूरी है।

5- अपनी आंखों की पुतलियों को एकदम दाहिनी ओर ले जाएं इस जागरूकता के साथ कि आप कितनी दूर तक स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।  फिर इसे सबसे बाईं ओर देखने के इरादे से धीरे-धीरे बाईं ओर ले जाएं। जब आप अधिकतम चरम दृष्टि पर पहुंच जाएं तो अपनी आंखों को तीन से पांच बार झपकाएं।

6- आराम से बैठें, फिर अपने बाएँ हाथ को आँख के स्तर तक ऊपर उठाएँ, हाथ सीधा रखें। अंगूठे को बाहर और सीधा रखते हुए मुट्ठी बनाएं। अंगूठे की नोक को देखें, फिर इसे धीरे-धीरे पास ले जाएं जब तक कि यह नाक की नोक को न छू ले। अंगूठे की नोक पर तब तक ध्यान केंद्रित करें जब तक कि वह नाक की नोक को न छू ले। फिर अपनी दृष्टि को अंगूठे के सिरे पर स्थिर रखते हुए धीरे-धीरे इसे वापस प्रारंभिक स्थिति में ले आएं। अगर आपको कोई तनाव महसूस हो तो पलकें झपकाएं या आंखें बंद कर लें और आराम करें।

बता दें कि इसके अलावा आपको अपने आहार पर ध्यान देना जरूरी है। विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थ स्वस्थ आंखों और दृष्टि के लिए सर्वोत्तम हैं। आंखों की किसी भी कमी को दूर करने के लिए पूरे साल गाजर के रस से भरा एक गिलास आवश्यक है। विटामिन ए से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ हैं पालक, शकरकंद और लीवर।

वर्तमान समय में आंखों को स्वस्थ्य रखने के लिए ये जरूरी है कि मानसिक तनाव, चिंताएं और व्यग्रता अवचेतन रूप से आंखों के आसपास की नसों और मांसपेशियों को तनावग्रस्त कर देती हैं जिससे आंखों की रोशनी कम हो जाती है। इसलिए शवासन और योग निद्रा जैसे विश्राम महत्वपूर्ण हैं। 

(डिस्क्लेमर: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श लें। लोकमत हिंदी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।)

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