लाइव न्यूज़ :

Cholera vaccine: हैजा मुक्त विश्व?, वैक्सीन ‘हिलकोल’ ने तीसरे चरण का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, भारत बायोटेक ने की घोषणा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 21, 2025 16:00 IST

Cholera vaccine: शोध में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को तीन आयु वर्गों में विभाजित किया गया: 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क, पांच वर्ष से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा एक वर्ष से पांच वर्ष से कम आयु के शिशु।

Open in App
ठळक मुद्दे‘सीरोटाइप’ बैक्टीरिया की सतह पर पाए जाने वाले ‘एंटीजन’ के आधार पर बैक्टीरिया के स्वरूप हैं।‘ओगावा’ और ‘इनाबा’ विब्रियो कोलेरा ओ1 के दो ‘सीरोटाइप’ हैं, जो एक जीवाणु प्रजाति है।भारत के 10 विभिन्न क्षेत्रों के शिशुओं से लेकर वयस्क शामिल थे।

Cholera vaccine: भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने बुधवार को कहा कि उसके द्वारा हैजा से बचाव के लिए विकसित किए जा रहे वैक्सीन ‘हिलकोल’ ने तीसरे चरण का नैदानिक ​​परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारत बायोटेक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ‘हिलकोल’ ‘ओगावा’ और ‘इनाबा’ दोनों ‘सीरोटाइप’ के खिलाफ कारगर साबित हुआ है तथा स्वस्थ भारतीय वयस्कों और बच्चों में यह कमतर साबित नहीं हुआ है। ‘सीरोटाइप’ बैक्टीरिया की सतह पर पाए जाने वाले ‘एंटीजन’ के आधार पर बैक्टीरिया के स्वरूप हैं।

‘ओगावा’ और ‘इनाबा’ विब्रियो कोलेरा ओ1 के दो ‘सीरोटाइप’ हैं, जो एक जीवाणु प्रजाति है। विब्रियो कोलेरा ओ1 के कारण ही हैजा उत्पन्न होता है। इन परीक्षणों से ‘हिलकोल’ के एक प्रभावी ओसीवी (ओरल कोलेरा वैक्सीन) के रूप में इसकी क्षमता का पता चलता है। एक पत्रिका में हाल में प्रकाशित शोध के मुताबिक ‘हिलकोल’ के तीसरे चरण का नैदानिक ​​परीक्षण वैक्सीन की सुरक्षा और प्रतिरक्षाजन्यता की दृष्टि से कारगर साबित हुआ है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस अध्ययन में 1,800 से अधिक लोगों को शामिल किया गया जिनमें भारत के 10 विभिन्न क्षेत्रों के शिशुओं से लेकर वयस्क शामिल थे।

शोध में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को तीन आयु वर्गों में विभाजित किया गया: 18 वर्ष से अधिक आयु के वयस्क, पांच वर्ष से 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा एक वर्ष से पांच वर्ष से कम आयु के शिशु। भारत बायोटेक के कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा एल्ला ने कहा, ‘‘यह प्रकाशन कठोर शोध, गहन नैदानिक ​​परीक्षणों और विश्वसनीय नैदानिक ​​आंकड़ों पर आधारित वैक्सीन को आगे बढ़ाने को लेकर हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।’’

हैजा एक तीव्र दस्तजन्य संक्रमण है जो विब्रियो कोलेरा बैक्टीरिया से दूषित भोजन या पानी के सेवन से होता है। विज्ञप्ति के मुताबिक हैजा के प्रति वर्ष 28.60 लाख मामले सामने आते हैं और इसके कारण 95 हजार लोगों की मौत होती है।

टॅग्स :Bharat Biotechhyderabad
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकेंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार; जानें पूरा मामला

भारतPOCSO मामले में लुकआउट नोटिस के बाद बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साईं भागीरथ ने किया सरेंडर

ज़रा हटकेविवाह नहीं कराओगे तो जान दूंगा?, शादी टूटने से नाराज, मोबाइल टावर पर चढ़ा मंटू कुमार, आत्महत्या की धमकी, 4 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने नीचे उतरा

भारत‘पेट्रोल, गैस और डीज़ल का इस्तेमाल बहुत संयम से करें’: पश्चिम एशिया तेल संकट के बीच मोदी का संदेश

क्राइम अलर्टHyderabad News: प्रेम प्रसंग में खूनी खेल; पहले पीछा किया, फिर चाकू से वार कर ली इंजीनियरिंग छात्र की जान

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट ये 8 चीजें खाना पड़ सकता है भारी

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यWHO ने इबोला के प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, जानें लक्षण और सुरक्षित रहने के लिए इन चीजों का रखें ध्यान

स्वास्थ्यकिडनी या पेशाब की नली में फंसी पथरी? ये 8 देसी उपाय दिला सकते हैं राहत

स्वास्थ्यनीम से गिलोय तक, सेहत के लिए फायदेमंद हैं ये 6 चीजें