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'डिजिटल अरेस्ट' कर 87 लाख रुपए की ठगी, पुलिस-सीबीआई अधिकारी बनकर व्हाटसऐप पर वीडियो कॉल किया, बंगलुरु से अरेस्ट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 14, 2025 08:47 IST

डिजिटल अरेस्ट कर देहरादून तथा नैनीताल जिले के निवासी अलग-अलग पीड़ितों से कुल 87 लाख रुपये ठगे जाने के मामले की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ ।

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ठळक मुद्देव्हाटसऐप पर वीडियो कॉल तथा वॉइस कॉल के माध्यम से पीडितों को लगभग 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा। राज्यों में कुल 24 शिकायतें दर्ज हैं तथा उक्त खाते में नौ करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन देन पाया गया है ।

देहरादूनः उत्तराखंड विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की साइबर अपराध पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए 87 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य अभियुक्त को बंगलुरु से गिरफ्तार किया है । एसटीएफ उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट कर देहरादून तथा नैनीताल जिले के निवासी अलग-अलग पीड़ितों से कुल 87 लाख रुपये ठगे जाने के मामले की जांच के दौरान इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ ।

 

उन्होंने बताया कि गिरोह ने ग्रेटर मुंबई पुलिस अधिकारी एवं सीबीआई अधिकारी बनकर व्हाटसऐप पर वीडियो कॉल तथा वॉइस कॉल के माध्यम से पीडितों को लगभग 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी द्वारा धोखाधड़ी में प्रयुक्त किये जा रहे बैंक खाते के विरुद्ध देश भर के विभिन्न राज्यों में कुल 24 शिकायतें दर्ज हैं तथा उक्त खाते में नौ करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन देन पाया गया है ।

उन्होंने बताया कि देहरादून निवासी एक पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी थी कि इस वर्ष अगस्त-सितंबर में अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट करते हुए विभिन्न बैंक खातों में कुल 59 लाख रुपये ऑनलाईन जमा करवाए। जांच में सामने आया कि 59 लाख रुपये में से 41 लाख रुपये 30 अगस्त 2025 को यस बैंक के एक खाते में स्थानांतरित किए गए जो राजेश्वरी जीएके एंटरप्राइज के नाम पर था ।

इसका पता बंगलुरु का निकला जबकि इस खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बंगलुरू के येलहंका के रहने वाले किरण कुमार के.एस के नाम पर दर्ज पाया गया । इसके बाद बंगलुरु में किरण कुमार से पूछताछ की गयी और उससे मिले बैंक से संबंधित दस्तावेज़, मोबाइल फोन, अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड तथा एक लैपटॉप सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि किरण कुमार (31) के विरुद्ध पूर्व में दिल्ली, कुमांउ साइबर पुलिस स्टेशन व देश के अन्य राज्यों में भी कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा विवादित फर्म राजेश्वरी जीएके एंटरप्राइजेज की खाताधारक राजेश्वरी रानी (40) भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 35 (3) के तहत नोटिस दिया गया है ।

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