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UP Ki Taja Khabar: कोरोना वायरस की गलत रिपोर्ट, प्रशासन ने निजी प्रयोगशाला को जांच करने से रोका, मांगा स्पष्टीकरण

By भाषा | Updated: May 7, 2020 20:46 IST

कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी उत्‍तर प्रदेश के बहराइच जिले में गलत रिपोर्ट देने पर एक निजी पैथालॉजी से प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है और कोविड-19 संक्रमण की जांच करने से उसे रोक दिया है।

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ठळक मुद्देअस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. के. सिंह ने बताया कि महिला और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। नवजात शिशु को फिलहाल मां के साथ ही वार्ड में रखने का फैसला लिया गया है। 26 वर्षीय इस महिला की भी सरकारी संस्थान से भी कोरोना वायरस संबंधी जांच कराई जा रही है।

बहराइच: उत्‍तर प्रदेश के बहराइच जिले में कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी गलत रिपोर्ट देने पर एक निजी पैथालॉजी से प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा है और कोविड-19 संक्रमण की जांच करने से उसे रोक दिया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर सुरेश सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि डॉ. रिजवान के नर्सिंग होम में कूल्हे का ऑपरेशन कराने के लिए मंगलवार को भर्ती हुई बौंडी क्षेत्र निवासी 65 वर्षीय महिला की एक निजी प्रयोगशाला में जांच करायी थी, जिसमें वह कोविड—19 से संक्रमित पायी गयी थी। 

उन्होंने बताया कि अगले ही दिन उसी महिला की लखनऊ के राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से मिली जांच रिपोर्ट में वह संक्रमित नहीं पाई गई। उन्होने कहा कि 24 घंटे से भी कम समय में इतना फर्क नहीं हो सकता। लिहाजा, निजी प्रयोगशाला से इस गलत रिपोर्ट का स्पष्टीकरण मांगा गया है और उसकी बहराइच शाखा को कोरोना वायरस संबंधी जांच करने से रोक दिया गया है। 

सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच में महिला के संक्रमित पाये जाने के बाद डॉ. रिजवान के नर्सिंग होम को बंद कर दिया गया था और उसके मरीजों एवं कर्मियों पृथक-वास में रख कर मेडिकल कॉलेज ले जाये जाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब इन आदेशों को वापस ले लिया गया है। डॉ. रिजवान ने आरोप लगाया कि दूसरे जिलों से भी इस प्रयोगशाला द्वारा गलत रिपोर्ट दिये जाने की खबरें आ रही हैं। इस बीच, मंगलवार को इसी निजी प्रयोगशाला की जांच में संक्रमित पाई गई गर्भवती महिला ने बुधवार को बेटे को जन्म दिया। 

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी. के. सिंह ने बताया कि महिला और शिशु दोनों स्वस्थ हैं। नवजात शिशु को फिलहाल मां के साथ ही वार्ड में रखने का फैसला लिया गया है। 26 वर्षीय इस महिला की भी सरकारी संस्थान से भी कोरोना वायरस संबंधी जांच कराई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के चित्तौड़ा स्थित एल-1 श्रेणी के कोविड-19 केंद्र में भर्ती बहराइच और श्रावस्ती जिले के 21 लोगों में से 11 लोगों की राम मनोहर लोहिया संस्थान से आई जांच रिपोर्ट में उनके संक्रमित नहीं होने की पुष्टि हुई है। 

इन सभी का दूसरा नमूना जांच के लिये किंग जॉर्ज चिकित्सकीय विश्वविद्यालय भेजा गया है। वहां की रिपोर्ट में भी उनके संक्रमित नहीं पाए जाने पर उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी। इन 11 लोगों में से आठ लोग बहराइच और तीन श्रावस्ती जिले के हैं। 

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