पूरे देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन का असर तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। इसक चलते अप्रैल महीने में ईंधन की मांग में 66 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी जा रही है। ...
फिच रेटिंग्स के निदेशक (वित्तीय संस्थान) शाश्वत गुहा ने कहा, ‘‘आलोच्य वित्त वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था सुस्त रही है जिसके कारण मांग पर असर पड़ा है। इसके अलावा बैंकों के समक्ष जोखिम भी अधिक रहे हैं।’’ ...
भारत में कोरोना वायरस के चलते 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है. इस दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक सेवाएं रद्द हैं. हालांकि कोरोना संकट से लड़ने के लिए विशेष विमानों को उड़ने की अनुमति हैं. ...
दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत भी कोरोना वायरस संकट से जूझ रहा है. भारत सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 1.7 लाख करोड़ राहत पैकेज की घोषणा की है. शुक्रवार को एशियाई विकास बैंक ने भारत को 2.2 अरब डॉलर के मदद का भरोसा दिया है. ...
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन (बंद) के कारण यात्राएं व अन्य आर्थिक गतिविधियां रुक गयी हैं। इसके कारण अप्रैल महीने में ईंधन की मांग में 66 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी जा रही है। ...
कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा रहा है और इस बीच ऑक्सफैम ने चेताया है कि धनी देश अगर विकासशील देशों की मदद नहीं करते हैं तो करीब 50 करोड़ लोग गरीबी के भंवर में फंस जाएंगे। ...
कोरोना वायरस संक्रमण के बाद के जो अनुमान मिल रहे हैं, उससे 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का खतरा दिख रहा है। आरबीआई ने आगे कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में नरमी अगर बनी रहती है तो इससे देश की व्यापार स्थिति बेहत ...
सप्ताह में कारोबार के आखिरी दिन बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। आज सेंसेक्स 677.23 अंक ऊपर और निफ्टी 224.30 पॉइंट ऊपर खुले। ट्रेडिंग के दौरान बाजार 1300 अंकों से ज्यादा ऊपर चढ़ गया। शुक्रवार, 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे की छुट्टी रहेगी। वहीं, शनिवार और रविवा ...
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक किसी अर्थव्यवस्था के औद्योगिक क्षेत्र में किसी खास अवधि में उत्पादन के स्थिति के बारे में जानकारी देता है। भारत में हर माह इस सूचकांक के आंकड़े जारी किए जाते हैं। ये आंकड़े आधार वर्ष के मुकाबले उत्पादन में बढ़ोतरी या कमी के स ...
आर्थिक उदारीकरण के बाद दुनिया तेजी से भूमंडलीय गांव में बदलती चली गई. यह तेजी इसलिए विकसित हुई, क्योंकि वैश्विक व्यापारीकरण के लिए राष्ट्र व राज्य के नियमों में ढील देते हुए वन व खनिज संपदाओं के दोहन की छूट दे दी गई. इस कारण औद्योगीकरण व शहरीकरण तो ब ...