लाइव न्यूज़ :

चार साल में जीएसटी दर घटी, करदाता बढ़े, 66 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल: वित्त मंत्रालय

By भाषा | Updated: June 30, 2021 13:12 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 30 जून वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के चार साल पूरे होने के मौके पर वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अब तक 66 करोड़ से अधिक जीएसटी रिटर्न दाखिल किए गए, कर की दरें में कटौती हुई और करदाताओं की संख्या में बढ़ी है।

पूरे देश में एक राष्ट्रव्यापी जीएसटी एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था, जिसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर, वैट और 13 उपकर जैसे कुल 17 स्थानीय कर समाहित थे।

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि जीएसटी ने सभी करदाताओं के लिए अनुपालन को सरल बना दिया है और जीएसटी परिषद ने कोविड-19 महामारी के प्रकोप के मद्देनजर कई राहत उपायों की सिफारिश भी की है।

जीएसटी के तहत 40 लाख रुपये तक वार्षिक कारोबार वाले व्यवसायों को कर से छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले लोग कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं और केवल एक प्रतिशत कर का भुगतान कर सकते हैं।

इसी तरह सेवाओं के लिए एक साल में 20 लाख रुपये तक कारोबार वाले व्यवसायों को जीएसटी से छूट दी गई है। इसके बाद एक साल में 50 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले सेवाप्रदाता कंपोजिशन स्कीम का विकल्प चुन सकते हैं और उन्हें केवल छह प्रतिशत कर का भुगतान करना होगा।

मंत्रालय ने ट्वीट किया, ‘‘अब यह व्यापक रूप से स्वीकार कर लिया गया है कि जीएसटी उपभोक्ताओं और करदाताओं, दोनों के अनुकूल है। जीएसटी से पहले उच्च कर दरों ने कर भुगतान करने को हतोत्साहित किया, हालांकि जीएसटी के तहत कम दरों ने कर अनुपालन को बढ़ाने में मदद की। अब तक 66 करोड़ से अधिक जीएसटी रिटर्न दाखिल किए गए हैं।’’

वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी के तहत लगभग 1.3 करोड़ करदाताओं के पंजीकरण के साथ अनुपालन में लगातार सुधार हो रहा है।

वित्त मंत्रालय ने हैशटैग ‘4इयरऑफजीएसटी’ के साथ ट्वीट करते हुए कहा कि जीएसटी ने उच्च कर दरों को कम किया।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘आरएनआर समिति द्वारा अनुशंसित राजस्व तटस्थ दर 15.3 प्रतिशत थी। इसकी तुलना में आरबीआई के अनुसार वर्तमान में भारित जीएसटी दर केवल 11.6 प्रतिशत है।’’

मंत्रालय ने आगे कहा कि जीएसटी ने जटिल अप्रत्यक्ष कर ढांचे को एक सरल, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी संचालित कर व्यवस्था में बदल दिया है और इस तरह भारत को एक बाजार में एकजुट किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतदक्षिण भारत के 5 राज्य में अभी 129 सांसद और परिसीमन के बाद होंगे 195?, कर्नाटक में 42,आंध्र प्रदेश में 38, तेलंगाना में 26, तमिलनाडु में 59 और केरल में 30?, अमित शाह ने समझाया गणित?

क्रिकेटMI vs PBKS: क्विंटन डी कॉक ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस के लिए जड़ा 53 गेंदों में शतक, खेली 116 रनों की नाबाद पारी

क्रिकेट7 चौके 7 छक्के, क्विंटन डी कॉक का तूफानी शतक, 53 में 101 रन

पूजा पाठक्या है Naad Rush?, देशभर में पहचान बनाने की उम्मीद?, भजन से युवाओं को जोड़ना?

भारतमध्यप्रदेश: आचार्य शंकर की गुरु एवं संन्यास भूमि ओंकारेश्वर में मनाया जाएगा एकात्म पर्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित द्वारका शंकराचार्य सदानंद सरस्वती करेंगे शुभारंभ

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारखुशहाल यूपी पर जनधन खातों का दाग लगाता यह आंकड़ा, सूबे के आठ जिलों के 20 लाख जनधन खातों में शून्य बैलेंस!

कारोबारGold Rate Today: 16 अप्रैल 2026 को सोना हुआ महंगा, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,57,210 प्रति 10 ग्राम

कारोबारधीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व वाली श्री बागेश्वर जन सेवा समिति और शिखर धवन फाउंडेशन ले सकेंगे विदेशी धन?, मोदी सरकार ने 38 गैर सरकारी संगठनों को एफसीआरए पंजीकरण दिया?

कारोबारEPFO Update: उमंग ऐप पर अपना UAN कैसे एक्टिवेट करें? जानें पूरा प्रोसेस

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: 16 अप्रैल को क्या रहा तेल का दाम? चेक करें लेटेस्ट अपडेट