लाइव न्यूज़ :

बजट 2026-27: जीएसटी की तर्ज पर सीमा शुल्क ढांचे में बड़े बदलाव हो?, 8वें वेतन आयोग की घोषणा की उम्मीद

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 27, 2026 05:37 IST

Budget 2026-27: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए, जिन्हें पिछले साल 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट और बाद में जीएसटी दरों में कटौती से बड़ी राहत मिली थी, इस बार मानक कटौती यानी स्टैंडर्ड डिडक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

Open in App
ठळक मुद्देभारत का राजकोषीय प्रबंधन केवल घाटे को संभालने के बजाय कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है।नए और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।सुधार के तहत दरों को कम करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा सकता है।

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में लगातार अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सीमा शुल्क ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े बदलाव और कई अन्य सुधार देखने को मिल सकते हैं। बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है, क्योंकि अब भारत का राजकोषीय प्रबंधन केवल घाटे को संभालने के बजाय कर्ज के बोझ को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है।

व्यक्तिगत करदाताओं के लिए, जिन्हें पिछले साल 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट और बाद में जीएसटी दरों में कटौती से बड़ी राहत मिली थी, इस बार मानक कटौती यानी स्टैंडर्ड डिडक्शन में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए और सरल आयकर अधिनियम 2025 के बारे में बजट में स्पष्ट नियम और दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं, ताकि अधिक लोग पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नई व्यवस्था को अपनाएं। इसके साथ ही टीडीएस की विभिन्न श्रेणियों और दरों को कम करके उन्हें और सरल बनाया जा सकता है। सीमा शुल्क व्यवस्था में सुधार के तहत दरों को कम करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा सकता है।

साथ ही विवादों में फंसे लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये को सुलझाने के लिए एक माफी योजना भी लाई जा सकती है। रक्षा क्षेत्र के लिए बजट आवंटन बढ़ने की संभावना है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 'विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन' के तहत केंद्र और राज्यों की भागीदारी वाली एक नई योजना के लिए भी बजट का प्रावधान किया जा सकता है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की घोषणा की उम्मीद है, जिसे एक जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। राज्यों को मिलने वाले करों के हिस्से में भी 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार बढ़ोतरी हो सकती है। एमएसएमई क्षेत्र और रत्न-आभूषण तथा चमड़ा जैसे उद्योगों के लिए विशेष रियायतों की उम्मीद है। इसके अलावा लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और प्रसंस्करण के लिए भी बजट में फंड दिया जा सकता है।

टॅग्स :बजट 2026बजटनिर्मला सीतारमणबजट 2024 उम्मीदें
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारऊर्जा संकट और बढ़ते विदेशी मुद्रा संकटः मितव्ययिता की शुरुआत तो बहुत पहले ही हो जानी चाहिए थी!

कारोबारईरान-अमेरिका संघर्ष और कच्चे तेल की कीमत से असर?, भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान?, बीएमआई की रिपोर्ट

कारोबारदुनिया के नए निर्यात बाजारों में आगे बढ़ता भारत

कारोबार'बिजनेस रिफॉर्मर ऑफ द ईयर' पुरस्कार?, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को दिया अवॉर्ड

कारोबारयूपी में 10 वर्ष में ऐसे बढ़ा बजट का आकार?, 8.65 लाख करोड़ रुपए में से 2.85 लाख करोड़ रुपए नहीं हुए खर्च?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर पर खर्च होंगे 172.22 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने 6 तीर्थ और विरासत स्थलों के लिए 993 करोड़ रुपये मंजूर

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 18 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

कारोबारघरों की ‘होम मिनिस्टर’ पर बचत की जिम्मेदारी?, पीएम मोदी की ‘बचत और आत्मनिर्भरता’ की अपील?

कारोबारITR Filing 2026: कौन भर सकता है ITR-1 सहज फॉर्म? आखिरी तारीख से पहले नोट कर लें ये बातें; भूलकर भी न करें ये गलतियां