लाइव न्यूज़ :

ब्लॉग: काबुल में तालिबान का अतिवादी कदम, कहीं ईरान की तरह बगावत पर न उतर आए जनता

By वेद प्रताप वैदिक | Updated: December 28, 2022 09:57 IST

अफगानिस्तान में आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मदद बहुत कम आ रही है. तालिबानी जुल्म इसी तरह जारी रहा तो कोई आश्चर्य नहीं कि उन्हें सख्त बगावत का सामना करना पड़ जाए. 

Open in App

पिछले साल काबुल में तालिबान की सरकार कायम हुई तो मुझे आशा थी कि पिछली तालिबानी सरकार की तुलना में यह सरकार उदार और समझदार होगी. काबुल और दोहा के कई तालिबानी नेताओं से मेरा संपर्क भी हुआ. पुराने तालिबान भी इस बार काफी संयत लगे. 

नए तालिबान नेता, जो विदेशों में पले-बढ़े हैं, उनकी पृष्ठभूमि देखते हुए लगता था कि वे अपने बुजुर्गों की गलतियों से कुछ सीखेंगे. इसी आशा में भारत सरकार ने हजारों टन अनाज और दवाइयां काबुल भिजवाईं और अपने दूतावास को भी सक्रिय कर दिया. 

कुछ माह तक लगता रहा कि ये नए तालिबान स्त्रियों की समानता और शिक्षा के मामले में प्रगतिशील रुख अपनाएंगे. शुरू में उन्होंने कुछ ढील दी भी लेकिन अब उन्होंने औरतों के लिए बुर्का अनिवार्य कर दिया है. कोई भी औरत अकेली घर के बाहर नहीं निकल सकती. सारे स्कूलों और कालेजों में स्त्री-शिक्षा बंद हो गई है. सरकारी दफ्तरों से महिला कर्मचारियों की छुट्टी कर दी गई है. इनके कारण अफगानिस्तान में आजकल कोहराम मचा हुआ है. 

बादशाह जाहिरशाह का 55 साल पहले का वह जमाना मुझे याद है जब काबुल विश्वविद्यालय में मेरे साथ ढेरों लड़कियां पढ़ती थीं, दर्जनों महिला प्रोफेसर सक्रिय थीं और सरकारी दफ्तरों में महिलाएं स्कर्ट और ब्लाउज पहने बेधड़क काम करती थीं.

अब अफगानिस्तान में आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मदद बहुत कम आ रही है. पाकिस्तान से भी तालिबान के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं. यदि तालिबानी जुल्म इसी तरह जारी रहा तो कोई आश्चर्य नहीं कि उन्हें सख्त बगावत का सामना करना पड़ जाए. 

ईरानी औरतों ने अपनी सरकार की नाक में दम कर रखा है. यदि वैसी ही बगावत काबुल में शुरू हो गई तो भारत-जैसे राष्ट्रों को भी अपनी अफगान-नीति पर पुनर्विचार करना होगा.

टॅग्स :तालिबानअफगानिस्तानईरान
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहाथ मिलाया, गले मिले: पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर पहुंचे ईरान, जानें क्यों खास है यह दौरा

विश्वIsrael-Hezbollah War: हिजबुल्लाह का भीषण प्रहार, 24 घंटों में इजरायली ठिकानों पर 39 बार किया हमला

कारोबारयुद्ध के दौर में बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण पाने की चुनौती

विश्वहोर्मुज स्ट्रेट हमेशा के लिए खोल रहा हूं, चीन बहुत खुश?, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-शी मुझे गले लगाएंगे, ईरान को हथियार न देने पर सहमत

भारत30 दिन इंतजार और ईरान में फंसे 15 कश्मीरी छात्र?, दर्द में परिवार के लोग

विश्व अधिक खबरें

विश्व26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद का करीबी अमीर हमज़ा 'धुरंधर-स्टाइल' की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल, VIDEO

विश्ववीआईपी कल्चर के खिलाफ नेपाल की पहल?, मंत्रियों की कारों के काफिले नहीं चलेंगे?

विश्वतो ईरान को दोबारा खड़े होने में 20 साल लगेंगे?, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-यदि वह अभी पीछे हट जाएं तो...

विश्वIran-US-Israel: जल्द खत्म होने वाला है युद्ध! ट्रंप ने बातों ही बातों में दिया संकेत, तेहराना के साथ समझौता करने का किया दावा

विश्वजब भविष्य बता सकता है एआई तो हम क्यों नहीं रोक पाते तबाही ?