भाजपा आलाकमान मई 2024 में लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के बारे में विचार कर रहा है. राज्य भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि इस कदम से एमवीए बैकफुट पर आ जाएगा और विधानसभा सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर उनकी एकता बिखर जाएगी.
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लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण संसद-भवन नहीं संसद-भवन के भीतर होने वाली कार्यवाही है. कौन नहीं जानता कि पिछले कुछ सालों में हमारी संसदीय कार्यवाही में लगातार गिरावट आई है?
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जी-20 की बैठक का आयोजन कर भारत ने यह दिखा दिया है कि कश्मीर में अब कोई विवाद नहीं है और यह भारत का अभिन्न अंग है. लद्दाख और अरुणाचल में ऐसे आयोजन कर भारत ने यह भी संदेश दिया है कि यह सभी क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा हैं.
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आज से दो-तीन दशक पहले कामगारों के दो प्रकार होते थे। एक, वेतनभोगी कर्मचारी और दूसरे, आकस्मिक श्रमिक। वेतनभोगी श्रमिक सामान्यतः स्थायी रूप से एक निश्चित वेतन और अन्य सुविधाओं के साथ नियुक्त होते हैं। आकस्मिक मजदूरों को प्रत्येक दिन के हिसाब से मजदूरी
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कर्नाटक में निर्वाचन से पहले गैरभाजपा और गैरकांग्रेस वाले गठबंधन की तरफ कुछ दलों ने कदम बढ़ाए थे. तीसरे मोर्चे की बात हो रही थी, हालांकि अब बदले राजनीतिक परिदृश्य में यह साफ होता नजर आ रहा है कि देश की सर्वाधिक बुजुर्ग पार्टी के बिना विपक्षी एकता संभव
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गुरु ग्रंथ साहिब समग्र मानवता के लिए है. यह ग्रंथ केवल धार्मिक ज्ञान ही नहीं देता बल्कि उत्तर भारत के पांच सौ साल के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक पहलुओं पर भी रोशनी डालता है.
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अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर साल 22 मई को मनाया जाता है. यह बात साफ हो गई है कि धरती का पारिस्थितिकी तंत्र बेहद खराब हो चुका है. ऐसे में इस संबंध में और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.
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