Budget 2026 Expectations: इन दिनों पूरे देश की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा एक फरवरी को प्रस्तुत किए जाने वाले आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की ओर लगी हुई हैं. सीतारमण का यह नौवां बजट होगा. उम्मीद की जा रही है कि यह बजट एक ऐसा ऐतिहासिक बजट होगा, जिसमें 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के दृष्टिकोण से खपत और व्यय बढ़ाकर विकास दर बढ़ाने, गरीब, युवा, महिलाएं, किसान और मध्यम वर्ग के लिए राहत के प्रभावी प्रावधानों के साथ रक्षा, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमई), हरित ऊर्जा और आर्थिक सुधारों पर बड़े ऐलान दिखाए देंगे.
साथ ही वित्त मंत्री राहत और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए राजकोषीय घाटे को वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 फीसदी के स्तर पर सीमित रखने और 7.5 फीसदी विकास दर पाने की रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई देंगी. इसमें दो मत नहीं है कि वित्त मंत्री सीतारमण के समक्ष वर्ष 2026-27 का बजट तैयार करते समय चुनौतियों की श्रृंखला रही है.
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रम्प टैरिफ की चुनौती का अमेरिका को होने वाले देश के निर्यात पर प्रतिकूल असर हुआ है. वैश्विक परिदृश्य पर मौजूद सैन्य संघर्ष और आर्थिक गुटबाजी की चुनौतियों का भी देश की जीडीपी पर असर हुआ है. अब वर्ष 2026-27 में राज्यों के साथ संसाधनों के बंटवारे को लेकर सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने का भी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव होगा.
इन चुनौतियों के बावजूद इस समय वित्त मंत्री सीतारमण की मुट्ठियों में विभिन्न वर्गों को राहत देने और विकास की विभिन्न योजनाओं के लिए प्रभावी आवंटन हेतु कर संग्रहण संबंधी मजबूत परिदृश्य मौजूद है. चालू वित्त वर्ष के तहत 7.4 फीसदी विकास दर प्राप्ति के संकेत अच्छे आर्थिक परिदृश्य के प्रतीक हैं.
चालू वित्त वर्ष में आयकर रिटर्न भरने वाले आयकरदाताओं की संख्या और आयकर की प्राप्ति में प्रभावी वृद्धि हुई है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से दिसंबर 2024 तक आयकर सहित प्रत्यक्ष कर संग्रहण 17 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 8 फीसदी से भी ज्यादा है.
उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री आगामी वित्त वर्ष में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12 से 12.5 लाख करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंचाते हुए दिखाई देंगी. वित्त मंत्री आगामी बजट के तहत गरीब, युवा, महिलाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के कल्याण के नए उपायों के साथ विकास योजनाओं पर भी अपने आवंटन को बढ़ाते हुए दिखाई दे सकती हैं.
वित्त मंत्री मजबूत वित्तीय मुठ्ठी से आयकर के नए और पुराने दोनों टैक्स रिजीम की व्यवस्थाओं के तहत करदाताओं व मध्यम वर्ग को अभूतपूर्व राहत दे सकती हैं. उम्मीद करें कि एक फरवरी को वित्त मंत्री सीतारमण के द्वारा पेश होने वाला वर्ष 2026-27 का बजट आम आदमी के लिए राहत, बाजार के लिए रफ्तार और विकसित भारत के लिए साहसिक सुधारों को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक बजट होगा.
उम्मीद करें कि यह एक ऐसा बजट भी होगा, जिसमें वित्त मंत्री 2026-27 के तहत राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 फीसदी तक लाने के लक्ष्य के मद्देनजर राजकोषीय अनुशासन का पालन करते हुए भी दिखाई देंगी.