वरिष्ठ पत्रकार और फिल्मकार। राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक। वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज, सीएनईबी, बीएजी फिल्मस, आज तक, नई दुनिया इत्यादि मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे।Read More
भारत की शानदार छवि के बावजूद वीटो पावर वाले राष्ट्र बहुमत में होते हुए भी केवल एक मुल्क के विरोध के चलते भारत को स्थायी सदस्यता नहीं दिला पा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में आमूलचूल बदलाव की भारतीय मांग का आधार भी यही है। आपको याद होगा कि पिछले ...
चेतावनी गंभीर है. अभी तक बांग्लादेश बचा हुआ था, लेकिन अब वह भी गिरफ्त में आ गया. चीन के चक्कर में आत्मघाती रास्ते पर चल पड़ा है. मुश्किल है कि उसे समझ में तो आ गया, मगर चीनी चक्रव्यूह से बाहर कैसे निकले, वह नहीं समझ पा रहा है. बांग्लादेश के वित्त मं ...
इंडोनेशिया के बाली में जी20 शिखर सम्मेलन समाप्त हो गया। इससे लेकिन हासिल क्या हुआ, इस बारे में विचार करने पर यही लगता है कि आज केदौर में अंतरराष्ट्रीय मंचों से सामूहिक हित नहीं सध रहे हैं. ...
जिस देश में अवाम अपनी सेना से नफरत करने लग जाए तो यह उसके इरादों का प्रमाण है कि अब फौज और आईएसआई पाकिस्तान को अंग्रेजी हुकूमत की तरह लूट खसोट नहीं सकती। इसलिए हम अब इस पड़ोसी देश की जनता को शुभकामनाएं दें कि वह लोकतंत्र बहाली में कामयाब रहे। ...
इन दिनों राष्ट्रीय सफलताएं भी दलगत राजनीति का हिस्सा बन गई हैं. हमारे पुरखों ने देश के लिए काम किया था. हम यह कैसा मुल्क बना रहे हैं, जो अपने पूर्वजों को गरियाने का कोई मौका नहीं छोड़ता. ...
पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस के आनुषंगिक संगठनों के निर्जीव होने से उनमें समाज के अलग-अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व धीरे-धीरे समाप्त होता गया. इसलिए उन वर्गों में पार्टी की अपनी विचारधारा के प्रसार की धारा सूख गई. अब जरूरी ये भी है कि नए लोगों को मौके ...
कांग्रेस का मजबूत होना उनकी परेशानी का सबब बन सकता है क्योंकि वे अंततः कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाकर ही अस्तित्व में आए हैं। कांग्रेस के फिर ताकतवर होने से उन्हें अपने वोट बैंक खिसकने का डर है। चाहे वह समाजवादी पार्टी हो या बहुजन समाज पार्टी। त ...