वरिष्ठ पत्रकार और फिल्मकार। राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक। वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज, सीएनईबी, बीएजी फिल्मस, आज तक, नई दुनिया इत्यादि मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे।Read More
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष की यात्रा के बाद इस प्रश्न पर बहस स्वाभाविक है। विविधताओं से भरे इस देश में कुछ समय से सामाजिक ताने-बाने को झटके लगने के समर्थन में तर्क दिए जाते रहे हैं। ...
भारत में आजादी के बाद भी अंग्रेजी की बेल कुछ इस तरह फली-फूली कि अन्य भाषाएं हाशिए पर चली गईं. कोई सरकार या प्रशासन तंत्र इसे नहीं रोक सका. न्यायालयों का भी यही हाल रहा. ...
अमेरिकी डॉलर की कीमत 225 रुपए हो गई है। वाहन उद्योग, कपड़ा उद्योग और अन्य तमाम क्षेत्रों के कल-कारखानों में ताला पड़ा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के तो और भी बदतर हाल हैं। आटे का दस किलो का पैकेट 3000 रुपए में मिल रहा है। राशन कार्ड से गेहूं का ...
एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष का लोकतंत्र के एक स्तंभ पर खुल्लमखुल्ला आरोप लगाना कितना शालीन है? उनसे यह सवाल तो पूछा ही जाना चाहिए कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को इस मामले में राज्य के मुख्यमंत्री या गृह मंत्री के पास क्यों नहीं जाना चाह ...
18 बरस पहले लखनऊ में भाजपा के नेता लालजी टंडन के जन्मदिन पर भी ऐसी ही भगदड़ मची थी। उस कार्यक्रम में नेताजी महिलाओं को साड़ियां बांट रहे थे। इस भगदड़ में 21 जानें चली गई थीं। मरने वालों में अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे। इस हादसे ने उस समय पूरे देश को ह ...
सवाल यह है कि आने वाले दिन हिमालय की तलहटी से हिंदुस्तान के लिए किस तरह के संदेश लेकर आएंगे? भारत की सीमाओं की व्यावहारिक स्थिति का विश्लेषण करें तो लगता है कि चीन एक बार फिर भारत की घेराबंदी की व्यूह रचना नए सिरे से कर रहा है। जानकारों का अनुमान है ...
भारत ने बीते दिनों इस बात पर जोर दिया था कि मौजूदा दौर जंग का नहीं है। शांति और संवाद ही एकमात्र उपाय है। इसके बाद भी यूरोपीय देशों और अमेरिका की ओर से युद्ध रोकने के लिए कोई उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं आई। एक ठंडा सा रवैया था। ...
जिस दल को पिछले चुनाव में एक प्रतिशत मत भी नहीं मिले हों, उसे इस चुनाव में तेरह प्रतिशत वोट प्राप्त होना इसका सबूत है कि गुजरात में विपक्ष के दृष्टिकोण से सब कुछ समाप्त नहीं हुआ है। ...