लाइव न्यूज़ :

निवेशक वॉरेन बफे ने बताया उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति का क्या होगा, वसीयत में किया बदलाव, जानें

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 30, 2024 14:12 IST

वॉरेन बफे ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी वसीयत को कई बार संशोधित किया है। बफे की प्रत्येक संतान अपनी अलग एनजीओ चलाती है। उनका नवीनतम निर्णय ये स्पष्ट करता है कि बफेट अपनी कमाई संपत्ति तो इस्तेमाल करने का अधिकार अपने बच्चों को ही देना चाहते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देनिवेशक वॉरेन बफे ने बताया उनकी मृत्यु के बाद संपत्ति का क्या होगाअपनी परोपकारी योजनाओं में एक बड़ा बदलाव कर रहे हैंविशाल संपत्ति के सही उपयोग के लिए अपनी वसीयत को संशोधित कर रहे हैं

नई दिल्ली: 93 वर्षीय निवेशक वॉरेन बफे समाज के लिए की जाने वाली अपनी परोपकारी योजनाओं में एक बड़ा बदलाव कर रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने खुलासा किया कि वह अपने तीन बच्चों द्वारा प्रबंधित एक नए ट्रस्ट के माध्यम से मृत्यु के बाद अपनी विशाल संपत्ति के सही उपयोग के लिए अपनी वसीयत को संशोधित कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को उनका महत्वपूर्ण दान उनके निधन पर बंद हो जाएगा।

बफे ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि मेरी मृत्यु के बाद गेट्स फाउंडेशन कोई राशि नहीं जाएगी। जर्नल के साथ एक विशेष साक्षात्कार में बफेट ने घोषणा की कि उन्होंने अपनी मृत्यु के बाद बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को दान रोकने के लिए अपनी वसीयत को अपडेट कर दिया है। अब वॉरेन बफेट की संपत्ति को उनके तीन बच्चों द्वारा प्रबंधित एक नए धर्मार्थ ट्रस्ट के द्वारा निर्देशित किया जाएगा।

जर्नल के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में वॉरेन बफे ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी वसीयत को कई बार संशोधित किया है।  बफे की प्रत्येक संतान अपनी अलग एनजीओ चलाती है। उनका नवीनतम निर्णय ये स्पष्ट करता है कि बफेट अपनी कमाई संपत्ति तो इस्तेमाल करने का अधिकार अपने बच्चों को ही देना चाहते हैं।

 बफे ने जर्नल को बताया कि मैं अपने तीन बच्चों के मूल्यों के बारे में बहुत अच्छा महसूस करता हूं और मुझे इस बात पर 100% भरोसा है कि वे चीजों को कैसे आगे बढ़ाएंगे। इससे पहले बफेट ने संकेत दिया था कि उनकी वसीयत उनकी संपत्ति का 99% से अधिक हिस्सा परोपकारी उद्देश्यों के लिए आवंटित करेगी।

उन्होंने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और चार परिवार-संबद्ध धर्मार्थ संस्थाओं सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन, शेरवुड फाउंडेशन, हॉवर्ड जी. बफेट फाउंडेशन , और नोवो फाउंडेशन को अपनी संपत्ति दान की थी।

बर्कशायर हैथवे ने घोषणा की है कि बफे ने लगभग 9,000 क्लास ए शेयरों को 13 मिलियन से अधिक क्लास बी शेयरों में बदल दिया है। इनमें से लगभग 9.3 मिलियन शेयर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ट्रस्ट को दान किए जाएंगे, शेष चार बफेट परिवार चैरिटी के बीच वितरित किए जाएंगे। 2006 में गेट्स फाउंडेशन के प्रति अपनी मूल प्रतिज्ञा में, बफेट ने फाउंडेशन को अपनी वसीयत में शामिल करने का अपना इरादा बताया।

टॅग्स :बिल गेट्सअमेरिकाशेयर बाजार
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा, ताइवान का जिक्र नहीं?, व्हाइट हाउस ने फैक्ट शीट जारी किया

कारोबार₹6 ट्रिलियन का नुकसान! सेंसेक्स में 833.20 अंक की गिरावट, क्रूड का भाव 111.2 डॉलर प्रति बैरल

विश्वतेलंगाना की रहने वाली 25 वर्षीय नव्या गडुसु की मौत और सड़क दुर्घटना में 6 घायल 

विश्वतेहरान में 90 मिनट तक बैठक?, अमेरिका-इजराइल के साथ टकराव के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता

विश्वआज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां, पहले कोरोना आया, फिर युद्ध और अब energy crisis?, पीएम मोदी ने कहा- ये आपदाओं का दशक, वीडियो

विश्व अधिक खबरें

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वयुद्ध के बादल छंटे? डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को रोका, तेहरान के साथ 'बड़ी बातचीत' का किया दावा

विश्वडार्विन, लिंकन, मार्क्स और समानता का साझा सिद्धांत

विश्वनीदरलैंड पीएम रॉब जेटन दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भारत को क्यों ज्ञान दे रहे हैं?