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कनाडा ने तीन खालिस्तानी आतंकियों पर प्रतिबंध लगाया, नहीं कर सकेंगे हवाई यात्रा

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 21, 2024 12:42 IST

जिन खालिस्तानी आतंकियों पर ये कार्रवाई की गई है उनके नाम पारुपकर दुल्लई उर्फ ​​पैरी दुल्लई, भगत सिंह बराड़ और सतिंदरपाल गिल हैं।

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ठळक मुद्देकनाडा ने तीन खालिस्तानी आतंकियों पर प्रतिबंध लगायापारुपकर दुल्लई उर्फ ​​पैरी दुल्लई, भगत सिंह बराड़ और सतिंदरपाल गिल शामिलइस बात पर विश्वास करने का उचित आधार हैं कि ये व्यक्ति आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं

नई दिल्ली:  कनाडा सरकार ने खुफिया जानकारी के आधार पर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें नो-फ्लाई लिस्ट में डाल दिया है। जिन खालिस्तानी आतंकियों पर ये कार्रवाई की गई है उनके नाम पारुपकर दुल्लई उर्फ ​​पैरी दुल्लई, भगत सिंह बराड़ और सतिंदरपाल गिल हैं। 

सीएनएन-न्यूज18 के अनुसार कनाडा के सुरक्षा मंत्री द्वारा दी गई गोपनीय जानकारी के आधार पर कनाडा की संघीय अदालत ने भी 20 जून को सरकार के फैसले को बरकरार रखा। अपनी दलील में, कनाडाई सरकार ने कहा कि इस बात पर विश्वास करने का उचित आधार हैं कि ये व्यक्ति आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कनाडा सरकार ने तीनों आतंकियों को नो-फ्लाई लिस्ट में शामिल करने के निर्णय को सही बताया है। उनकी अदालती चुनौती खारिज कर दी गई है।

पैरी दुल्लई को एनडीपी नेता जगमीत सिंह का करीबी सहयोगी बताया जाता है। वह सरे से  "चैनल पंजाबी" और चंडीगढ़ से "ग्लोबल टीवी" नाम का चैनल चलाता है। दुल्लई सरे के दशमेश गुरुद्वारे से ताल्लुक रखता है।  कहा जाता है कि सतिंदरपाल गिल ने पाकिस्तान में समय बिताया है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी करीबी है। भगत सिंह बराड़ पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी अलगाववादी लखबीर सिंह रोडे का बेटा है।

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब भारत और कनाडा से संबंध तनावपूर्ण हैं। भारत ने बृहस्पतिवार, 20 जून को वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तानी चरमपंथियों द्वारा तथाकथित "नागरिक अदालत" आयोजित करने और भारतीय प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कनाडा के उच्चायोग को राजनयिक नोट जारी कर खालिस्तानी तत्वों की हालिया कार्रवाइयों पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई है। इस नोट में भारत ने कनाडाई उच्चायोग को जस्टिन ट्रूडो सरकार द्वारा कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादियों को दी जा रही शह पर आपत्ति जताई है।

इससे पहले कनाडा की संसद ने खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की याद में "मौन" रखा था, जिसके एक दिन बाद भारत ने यह आपत्ति जताई है। निज्जर की पिछले साल जून में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मारकर हत्या दी गई थी। 

टॅग्स :कनाडाआतंकवादीटेरर फंडिंगजस्टिन ट्रूडोभारत
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